- नर्मदा तट गौरीघाट और तिलवाराघाट से होगी प्रशासन की विशेष पहल जबलपुर, (ईएमएस)। संस्कारधानी को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने अपनी कार्ययोजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। इस अभियान के प्रथम चरण में आस्था के प्रमुख केंद्र गौरीघाट और तिलवाराघाट को भिक्षुक मुक्त क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रारंभिक सर्वे सूची तैयार कर ली गई है। निगमायुक्त ने किया औचक निरीक्षण........ नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने आज स्वयं गौरीघाट एवं तिलवाराघाट क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को भिक्षुक पुनर्वास के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। *पुनर्वास पर जोर, मानवीय दृष्टिकोण का पालन* निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल क्षेत्र को खाली कराना नहीं, बल्कि भिक्षुकों का उचित पुनर्वास करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिह्नित भिक्षुकों को शासकीय आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जाए। आमजन से अपील, भिक्षा नहीं, सहायता दें...... प्रशासन ने संस्कारधानी के नागरिकों और श्रृद्धालुओं से इस मुहिम में सहयोग की भावुक अपील की है। निगमायुक्त श्री अहिरवार ने कहा की भिक्षावृत्ति को बढ़ावा न देना ही इस समस्या का स्थायी समाधान है। यदि आप दान करना चाहते हैं, तो वह भिक्षा के रूप में न देकर पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से प्रशासन को सहयोग करें। सुनील साहू / मोनिका / 27 मार्च 2026/ 06.16