दमोह (ईएमएस)। पीएमयूएम शिक्षक संघ दमोह द्वारा माननीय लखन पटेल जी मंत्री, पशुपालन एवं दुग्ध विभाग जी को मध्यप्रदेश के शिक्षकों हेतु टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने संबद्ध में ज्ञापन सौंपा। पीएमयूएम शिक्षक संघ दमोह के जिला अध्यक्ष/प्रांत संयोजक पवन खरे ने बताया कि संस्थापक सतीश खरे एवं प्रांत अध्यक्ष मुरली मनोहर अरजरिया के निर्देशन में आज माननीय मंत्री लखन पटेल जी को मध्य प्रदेश के शिक्षकों हेतु टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने संबद्ध के ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति समय-समय पर मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी नियमों एवं आदेशों के अंतर्गत की गई है। प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से अपनी पूर्ण योग्यता, दक्षता एवं अनुभव के आधार पर शासकीय विद्यालयों में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा निरंतर बेहतर परीक्षा परिणाम दिए जा रहे हैं तथा शासकीय विद्यालयों के छात्र विभिन्न उच्च पदों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में 20-25 वर्षों का शिक्षण अनुभव रखने वाले शिक्षकों से टीईटी परीक्षा देना अपेक्षित करना उचित एवं न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2005, 2008 एवं 2011 में व्यापम के माध्यम से पात्रता परीक्षा आयोजित कर संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। उस समय संबंधित शिक्षकों ने पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर ही नियुक्ति प्राप्त की थी। अतः वर्तमान में पुनः टीईटी परीक्षा के लिए बाध्य करना तर्कसंगत नहीं है। पीएमयूएम शिक्षक संघ ने माननीय मंत्री लखन पटेल जी से आग्रह किया कि आप अपने माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करते हुए मध्य प्रदेश शासन द्वारा टीईटी अनिवार्यता के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका (त्मअपमू च्मजपजपवद) दायर करने की कृपा करें, जिससे वर्षों से कार्यरत अनुभवी शिक्षकों को न्याय मिल सके एवं मार्च 2026 में जिन शिक्षकों ने 12 वर्ष की सेवा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है उन सभी शिक्षकों के क्रमोन्नति के आदेश जारी करवाने के लिए आग्रह किया। ज्ञापन में कार्यकारी जिला अध्यक्ष कैलाश असाटी, कोषाध्यक्ष मोहन ठाकुर, नरेंद्र नामदेव, गिरजा प्रजापति, प्रमोद प्रजापति, बैजनाथ नामदेव, ओमप्रकाश नामदेव, पारस साहू, श्रीकांत पटेल, दिनेश सेन, अजय रोहित, मुकेश श्रीवास्तव, मयंक सोनी, संदीप दत्त चतुर्वेदी, वेद प्रकाश खरे, अरविंद गर्ग, चंद्र शेखर नामदेव, सतेंद्र परिहार, टीकाराम अहिरवाल, प्रीतम कोष्टी, शरद त्रिपाठी, दुर्गा प्रसाद राव, सुंदर लाल अहिरवाल, धरम लाल अहिरवाल अनेक शिक्षकों की उपस्थिति रही। ईएमएस / 27 मार्च 2026