राज्य
27-Mar-2026


* रु. 141 करोड़ की परियोजना से 78 हजार लोगों को लाभ, आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में पानी की समस्या का होगा स्थायी समाधान गांधीनगर (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और जल आपूर्ति मंत्री ईश्वरसिंह पटेल के नेतृत्व में गुजरात जल प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर विकास कर रहा है। राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए पानी के महत्व को समझते हुए सरकार द्वारा प्रत्येक नागरिक को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस योजना बनाई गई है। इसी कड़ी में बनासकांठा जिले के दांता और अमीरगढ़ तालुका के आदिवासी क्षेत्रों तथा पवित्र तीर्थधाम अंबाजी के लिए लगभग 141 करोड़ रुपये की लागत से ‘अंबाजी समूह जल आपूर्ति योजना (भाग-1 और 2)’ का ई-शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा। इस योजना के तहत दांता और अमीरगढ़ तालुका के कुल 34 गांवों और अंबाजी शहर के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना पूर्ण होने पर लगभग 0.78 लाख की आबादी को नियमित रूप से पीने का पानी उपलब्ध होगा। डूंगर और पथरीले भूभाग के कारण अब तक ये क्षेत्र भूजल पर निर्भर थे, लेकिन इस योजना के माध्यम से इन्हें सतही जल स्रोतों से जोड़ दिया जाएगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अंबाजी देश का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल होने के कारण भविष्य में यहां होने वाले विकास को ध्यान में रखते हुए इस जल आपूर्ति व्यवस्था को विकसित किया जा रहा है। गुजरात सरकार ने जल प्रबंधन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में भूजल पर निर्भरता कम कर नदियों, नहरों और जलाशयों पर आधारित योजनाएं लागू की गई हैं। ‘राज्यव्यापी जल आपूर्ति ग्रिड’ के तहत 3,300 किलोमीटर से अधिक लंबी बल्क पाइपलाइन का निर्माण किया जा चुका है, जिससे अब तक 15,000 से अधिक गांवों और 251 शहरी क्षेत्रों को सतही जल आधारित पेयजल मिल रहा है और लगभग पांच करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। केंद्र सरकार की ‘जल जीवन मिशन-2’ योजना से शेष गांवों में कार्यों को और गति मिलेगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पानी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर 1916 भी शुरू किया गया है, जहां शिकायतों का संतोषजनक समाधान किया जाता है। सतीश/27 मार्च