नई दिल्ली (ईएमएस)। कोविड-19 का एक नया वेरिएंट, जिसमें म्यूटेशन की संख्या असामान्य रूप से ज़्यादा है, दुनिया भर के पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। हालिया सर्विलांस रिपोर्ट के अनुसार, BA.3.2 नाम का यह वेरिएंट अब अमेरिका के आधे हिस्सों और कम से कम 22 अन्य देशों में पाया गया है। रिसर्चर्स ने इस वेरिएंट को अनौपचारिक रूप से सिकाडा नाम दिया है। यह उस कीड़े का नाम है जो ज़मीन के नीचे लंबे समय तक रहने के बाद बाहर निकलता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नाम इस संभावना को दर्शाता है कि निगरानी प्रणालियों में सामने आने से पहले, यह वायरस चुपचाप विकसित हो सकता था। शुरुआती विश्लेषणों से पता चलता है कि BA.3.2 में लगभग 75 म्यूटेशन हैं, जो पिछले कई वेरिएंट्स की तुलना में कहीं ज़्यादा हैं। इस वैरिएंट से जुड़े जो लक्षण सामने आ रहे हैं, वे आम वायरल या फ्लू जैसे ही हो सकते हैं। शरीर में अचानक तेज बुखार आना और ठंड लगना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। सूखी खांसी, गले में दर्द या जलन महसूस होना आम लक्षणों में शामिल है। बिना ज्यादा काम किए भी शरीर में कमजोरी और थकावट महसूस होना। लगातार सिर भारी रहना और मांसपेशियों में दर्द होना। कुछ लोगों में पेट से जुड़ी समस्या या भूख में कमी भी देखी जा सकती है। प्रयोगशाला अध्ययनों से संकेत मिलता है कि BA.3.2 में इम्यून एस्केप (प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता) बढ़ गई है। इसका मतलब है कि मौजूदा कोविड -19 वैक्सीन या पिछले संक्रमण से बनी एंटीबॉडीज़ वायरस को बेअसर करने में कम प्रभावी साबित होती हैं। BA.3.2 वंश का पता सबसे पहले नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में लिए गए एक श्वसन नमूने में चला था। कई महीनों तक, यह वेरिएंट जीनोमिक डेटाबेस में शायद ही कभी दिखाई दिया; इसके बाद, 2025 और 2026 की शुरुआत में, यह धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों के निगरानी तंत्रों में सामने आने लगा। सुबोध/२७ -०३-२०२६