नई दिल्ली (ईएमएस)। साल 1971 में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत हुई थी और तब से इस फॉर्मेट में कई बदलाव देखने को मिले हैं। समय के साथ बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में नए-नए कीर्तिमान बने, लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जो हमेशा इतिहास के पन्नों में दर्ज रहते हैं। ऐसा ही एक खास रिकॉर्ड है हैट्रिक लेने का, जो किसी भी गेंदबाज के लिए बेहद बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। क्रिकेट में जब कोई गेंदबाज लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट हासिल करता है, तो उसे हैट्रिक कहा जाता है। यह न सिर्फ मैच का रुख बदलने वाला पल होता है, बल्कि गेंदबाज के करियर का भी एक यादगार क्षण बन जाता है। वनडे क्रिकेट में पहली हैट्रिक का रिकॉर्ड जलालुद्दीन के नाम दर्ज है। पाकिस्तान के इस तेज गेंदबाज ने साल 1982 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। उस मुकाबले में जलालुद्दीन ने लगातार तीन गेंदों पर रॉड मार्श, ब्रूस यार्डली और ज्योफ लॉसन को आउट कर सनसनी मचा दी थी। उनकी इस शानदार गेंदबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने वह मैच 59 रन से जीत लिया था। जलालुद्दीन की यह हैट्रिक वनडे क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। इसके बाद से अब तक इस फॉर्मेट में कई गेंदबाजों ने हैट्रिक लेने का कारनामा किया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार दशकों में वनडे क्रिकेट में 50 से ज्यादा बार हैट्रिक देखने को मिल चुकी है, लेकिन पहली हैट्रिक का गौरव हमेशा जलालुद्दीन के नाम ही रहेगा। हालांकि, इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बावजूद जलालुद्दीन का अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा। उन्होंने पाकिस्तान के लिए टेस्ट और वनडे मिलाकर कुल 14 मैच खेले, जिनमें 25 विकेट अपने नाम किए। वहीं, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहतर रहा, जहां उन्होंने 70 मैचों में 261 विकेट लिए। लिस्ट ए क्रिकेट में भी उन्होंने 37 मुकाबलों में 24 विकेट हासिल किए। वनडे क्रिकेट के इतिहास में जलालुद्दीन की यह उपलब्धि आज भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो दिखाती है कि एक शानदार प्रदर्शन कैसे खिलाड़ी को हमेशा के लिए इतिहास में अमर कर सकता है। डेविड/ईएमएस 28 मार्च 2026