फ्लोरिडा,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिरपरिचित अंदाज में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यक्तिगत उपलब्धियों को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं। फ्लोरिडा के मियामी में आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहा है। उन्होंने तेहरान को जल्द ही एक नई डील करने की सलाह दी। इसी संबोधन के दौरान एक दिलचस्प वाकया तब हुआ जब रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए ट्रंप की जुबान फिसल गई और उन्होंने इसे स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कह दिया। हालांकि, तुरंत अपनी गलती सुधारते हुए उन्होंने इसे मजाकिया अंदाज में एक भयानक भूल करार दिया। ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमलों को दस दिनों के लिए टालने का निर्णय लिया है। जहां एक ओर इसे तनाव कम करने की कोशिश माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मध्य पूर्व में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले एक महीने से जारी संघर्ष में भारी जनहानि हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,900 से अधिक और लेबनान में 1,100 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस संघर्ष की आंच में 13 अमेरिकी सैनिकों और कई इजरायली नागरिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है। भाषण के दौरान ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी पुरानी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अगर मुझे शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो फिर किसी को भी नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 का यह पुरस्कार जीतने वाली वेनेजुएला की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना पुरस्कार उन्हें समर्पित करने की पेशकश की थी। खुद को एक महान शांति स्थापित करने वाला नेता बताते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अब तक आठ संभावित युद्धों को रोका है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक उनके इन दावों को अक्सर विरोधाभासी और तथ्यों से परे बताते रहे हैं। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ट्रंप के ये बयान आगामी विदेश नीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/28मार्च2026