अंतर्राष्ट्रीय
29-Mar-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपनी चिरपरिचित शैली में वैश्विक राजनीति और युद्ध के हालातों पर टिप्पणी की है। शुक्रवार शाम को सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड द्वारा प्रायोजित एक कार्यक्रम में ट्रंप ने रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को मजाकिया लहजे में स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कह दिया। उनके इस बयान पर पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। ट्रंप ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि बातचीत सफल होती है तो यह बहुत अच्छा होगा, लेकिन उन्हें स्ट्रेट ऑफ ट्रंप यानी होर्मुज को खोलना ही होगा। इसके तुरंत बाद उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि फेक न्यूज वाले इसे उनकी गलती बताएंगे, जबकि उनके साथ ऐसी गलतियां अक्सर नहीं होतीं। इस संबोधन के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अमेरिकी सेना की उपलब्धियों का जमकर बखान किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब मध्य पूर्व में एक ऐसे नए युग की ओर बढ़ रहा है जो ईरानी आतंक और परमाणु ब्लैकमेल से पूरी तरह मुक्त होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिकी सेना ने ईरान की क्षमताओं को कुचल दिया है। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का जिक्र करते हुए जोर दिया कि ईरान की अधिकांश लीडरशिप अब खत्म हो चुकी है और दशकों तक क्षेत्र में दबदबा बनाने वाला यह देश अब पहले जैसा प्रभावी नहीं रहा। वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर प्रस्तावित हमलों को 6 अप्रैल तक के लिए टाल दिया है। इस मोहलत का उद्देश्य तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अतिरिक्त समय देना है। गौरतलब है कि ईरान द्वारा इस मार्ग को बाधित किए जाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि युद्ध समाप्त करने के लिए एक 15 सूत्री प्रस्ताव पर अप्रत्यक्ष बातचीत बहुत अच्छी चल रही है, हालांकि ईरान सार्वजनिक रूप से किसी भी वार्ता से इनकार कर रहा है। ट्रंप के इन बयानों और अनिश्चितता के माहौल का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी दिखा, जहां युद्ध शुरू होने के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। स्ट्रेट ऑफ ट्रंप वाला उनका मजाक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे कुछ विशेषज्ञ उनकी कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है, ट्रंप का यह रुख आने वाले दिनों में युद्ध की दिशा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। वीरेंद्र/ईएमएस 29 मार्च 2026