क्षेत्रीय
29-Mar-2026
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- पहले रहवासियों को दिया जाएगा सुनवाई अवसर इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट ने उज्जैन नगर निगम द्वारा शिप्रा नदी के किनारे सिद्धसेन मार्ग पर रहवासियों के मकान तोड़ने के दिए नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते निगम नोटिसों पर रोक लगा आदेश जारी किया है कि नगर निगम पहले उन्हें सुनवाई का अवसर देगा और उसके बाद निर्णय पारित करेगा। उज्जैन नगर निगम द्वारा जारी मकानों के तोड़े जाने के नोटिसों के खिलाफ सिद्धसेन मार्ग निवासी बाबू गिरी, राजेश और संतोष बाई ने याचिका दायर की थी। याचिका सुनवाई करते कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि रहवासियों का पक्ष सुनवाई पश्चात निर्णय होने के बाद भी सात दिन तक निगम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। एड्वोकेट अमन मालवीय के अनुसार उज्जैन के मास्टर प्लान में शिप्रा नदी के दोनों ओर 200 मीटर क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट घोषित किया गया है। क्षेत्र में कई लोग 50 साल से रह रहे हैं। निगम ने मास्टर प्लान का हवाला देकर मकान तोड़ने के नोटिस जारी किए है। जिसके खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते कोर्ट ने स्टे दे सुनवाई का आदेश दिया। आनंद पुरोहित/ 29 मार्च 2026