राज्य
29-Mar-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई महानगर क्षेत्र में इको-फ्रेंडली श्री गणेश उत्सव मनाने और इको-फ्रेंडली मूर्तियां बनाने को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को टेम्पररी मंडप लगाने के लिए निःशुल्क अनुमति देगा। साथ ही, मनपा के पास जितनी जगह होगी, उसके हिसाब से सिर्फ इको-फ्रेंडली मूर्तियां बनाने वाले मूर्तिकारों को ही ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर जरूरी जगह निःशुल्क दी जाएगी। इसके साथ ही, इको-फ्रेंडली मूर्तियां बनाने वाले मूर्तिकारों को निःशुल्क शाडू मिट्टी भी दी जाएगी। मूर्तिकारों के लिए जरूरी अलग-अलग अनुमति के लिए कंप्यूटर सिस्टम पर ‘वन विंडो स्कीम’ मनपा की वेबसाइट पर शुक्रवार दिनांक 27 मार्च से शुरू की गई है। इसके जरिए मूर्तिकार श्री गणेश उत्सव के साथ-साथ नवरात्रि उत्सव के लिए मूर्तियां बनाने के लिए 10 अक्टूबर, 2026 तक मनपा की वेबसाइट पर अप्लाई कर सकेंगे। साथ ही, इस अनुमति की टाइम लिमिट 20 अक्टूबर, 2026 तक होगी। महानगरपालिका ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें मूर्तिकारों के लिए टेम्पररी मंडप बनाने की गाइडलाइंस साफ की गई हैं। मनपा का पूरा फोकस श्री गणेश फेस्टिवल 2026 को इको-फ्रेंडली तरीके से मनाने पर है। इसके लिए अभी से योजना और कार्रवाई शुरू कर दिया गया है। मनपा आयुक्त भूषण गगरानी के निर्देशों के अनुसार और अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढकने के मार्गदर्शन में, प्रशासन की तरफ से अलग-अलग सेवा और सुविधा देते हुए इको-फ्रेंडली तरीकों को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। हाई कोर्ट ने मनपा को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 12 मई, 2020 को जारी गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए, साल 2026 में श्री गणेश महोत्सव, नवरात्रि महोत्सव आदि त्योहारों के संबंध में, मनपा ने मूर्तिकारों के लिए टेम्पररी मंडप बनाने और दूसरे मामलों के लिए एक सर्कुलर के ज़रिए गाइडलाइंस जारी की हैं। * जानकारी के लिए किस वेबसाइट पर जाएं - सरकारी या निजी ज़मीन पर मूर्तियां बनाने के लिए टेम्पररी मंडप बनाने की परमिशन प्रक्रिया, मुंबई महानगरपालिका की वेबसाइट (https://portal.mcgm.gov.in) पर विभागीय सहायक आयुक्त और परिमंडल उपायुक्त के ज़रिए कंप्यूटर सिस्टम (ऑनलाइन) के ज़रिए सिंगल विंडो स्कीम के ज़रिए की जाएगी। - सरकारी या निजी ज़मीन पर मंडप के लिए आवेदन देते समय, पिछले सालों की अनुमति की एक कॉपी आवेदन के साथ अटैच करनी होगी। - इको-फ्रेंडली मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, प्रमंडल स्तर पर मनपा के पास उपलब्ध जगह के अनुसार ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर इको-फ्रेंडली मूर्तियाँ बनाने वाले मूर्तिकारों को ज़रूरी जगह मुफ़्त दी जाएगी, लेकिन आवेदक का खुद मूर्तिकार होना ज़रूरी है। - इको-फ्रेंडली श्री गणेश उत्सव मनाने के लिए, मूर्तिकारों को मुफ़्त शाडू मिट्टी और पर्यावरण विभाग की तरफ से उपलब्धता के अनुसार मूर्तिकारों को मुफ़्त नेचुरल/इको-फ्रेंडली पेंट दिया जाएगा। - मूर्तिकारों को मंडप बनाने की अनुमति देते समय, वह अनुमति सिर्फ़ मूर्तिकारों के लिए होगी। इस जगह पर सिर्फ़ इको-फ्रेंडली मूर्तियाँ ही बनाई जाएँगी। वहाँ कोई ‘पीओपी’ मूर्तियाँ नहीं बनाई जाएँगी। साथ ही, उस अनुमति का इस्तेमाल किसी भी तरह की मूर्ति बेचने के लिए नहीं किया जाएगा। इसके लिए एक सेल्फ़-डिक्लेयर्ड अंडरटेकिंग भी मनपा में जमा करनी होगी। - मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़कों/फुटपाथों पर गड्ढे खोदने की मनाही होगी। स्वेता/संतोष झा-२९ मार्च/२०२६/ईएमएस