क्षेत्रीय
29-Mar-2026


ग्वालियर ( ईएमएस ) | जिले भर में भू- माफ़िया बेखौफ़ कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं, ये लोग षडयंत्र करके भोले-भाले किसानों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, चूंकि इनके संबंध सत्ताधारी नेताओं और पुलिस एवं प्रशासन में बैठे अधिकारियों के साथ भी हैं इसलिए उन्हें कानून का भी कोई भय नहीं है और लाखों-करोड़ों के मुनाफे में वह भू-माफिया सत्ताधारी नेता एवं अधिकारी सभी शामिल हैं। किसानों का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है, जिले भर में दर्जनों ऐसे प्रकरण मिल जाएंगे जिसमें किसानों की इस तरीके से लूट की जा रही है। मध्य प्रदेश किसान सभा के राज्य महासचिव अखिलेश यादव, किसान नेता सुग्रीव सिंह कुशवाह,ने कहा आज की पत्रकार वार्ता के माध्यम से हम ऐसे ही कुछ पीड़ित किसानों को आपके समक्ष लेकर आए हैं ताकि जिले भर में भू-माफियाओं के इस कृत्यों के बारे में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भी अवगत कराया जा सके। डबरा के रामगढ़ के निवासी किसान हाकिम सिंह कुशवाहा की जमीन डबरा बायपास से लगी होने के कारण कीमती हो चली है इस जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है, उन्होंने नियम विरुद्ध एक बार नहीं कई बार इस जमीन पर कब्जा करने के लिए अधिकारियों से मिलकर कागजों में हेरा-फेरी करके अवैध तरीके से नामांतरण एवं सीमांकन करवाने का काम किया, यहां तक की अब सफल नहीं होने पर भू-माफ़िया इनकी जान के भी दुश्मन बन गए है, अगर निष्पक्ष जांच की जाय तो पटवारी से लेकर तहसीलदार पहली नजर में ही दोषी पाए जायेंगे। दूसरा प्रकरण बिलौआ स्थित (गंगापुर) वार्ड क्रमांक 15 के निवासी शिवचरण कुशवाह की जमीन का है जिस पर बलवंत सिंह कुशवाहा नामक एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से धोखाधड़ी करके किसान की जमीन करीब 10 बीघा जमीन को हड़पने का काम किया है। गरीब किसान थाने से लेकर एस पी और कलेक्टर तक फरियाद कर चुका है लेकिन शासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। हारकोटा सीर (कुल्लू की बगिया) निवासी हरप्रसाद, हरभजन एवं श्री दिनेश कुशवाह सहित आठ किसानों की कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 1064 लगायत 1083 तक लगभग 7.5 बीघा जमीन पर कमल किशोर शिवहरे और उसके साथियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है यहां तक कि दिनांक 9 मार्च 2026 को एसडीएम, तहसीलदार पुलिस बल सहित भू-माफिया के साथ मिलकर कब्जा करने पहुंच गए, किंतु मौके पर तुरंत किसान सभा के नेता एवं पीड़ित किसानों के परिजनों द्वारा तीव्र विरोध करने के बाद यह अमला वापस हुआ, जबकि कब्जा दिलाने का कोई आदेश नहीं था साथ ही साथ माननीय न्यायालय में उक्त प्रकरण विचाराधीन है फिर भी वह माफियाओं के साथ प्रशासन खड़ा दिखाई दिया है। पुरानी छावनी स्थित रायरू गांव निवासी सरदार जसविंदर सिंह ढिंगसा की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, भू-माफिया सरकारी रास्ते पर कब्जा करके जसविंदर सिंह का रास्ता बन्द रहे हैं, ये भी कलेक्टर और तहसीलदार के समक्ष अपनी फरियाद करके थक चुके हैं, लेकिन कोई राहत नही मिल सकी। भारतीय जनता पार्टी के राज्य में भू-माफिया बे-खौफ हो गए हैं और प्रशासन के साथ मिलकर किसानों की और सरकारी जमीनों की लूट कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि उक्त चारों प्रकरणों में कहीं ना कहीं सत्ता धारी नेताओं का भू-माफियाओं के ऊपर हाथ है, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारी, सत्ता के संरक्षण के बिना भू-माफियाओं का इतना खुलकर समर्थन नहीं कर सकते हैं। मध्य प्रदेश किसान सभा आज की पत्रकार वार्ता के माध्यम से यह स्पष्ट करना चाहती है कि अगर नियम कायदों को ताख पर रखकर भू-माफियाओं को किसानों का शोषण करने के लिए खुली छूट दे दी जाएगी तो इसके परिणाम गंभीर होंगे और कहीं ना कहीं कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होगी। मध्य प्रदेश किसान सभा ने इस मामले में आगामी दिनों में आंदोलन करने का भी निर्णय लिया है इससे पहले दिनांक 30 मार्च को किसान सभा पीड़ित किसानों को लेकर कलेक्टर से मिलेगी एवं ज्ञापन देकर उन्हे पूरी घटना से अवगत कराया जाएगा, अगर कार्रवाई नहीं होती है तो आने वाले दिनों में भूमाफियाओं, जिला प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन चला जाएगा। आज पत्रकार वार्ता में मध्य प्रदेश किसान सभा के राज्य महासचिव अखिलेश यादव, किसान नेता सुग्रीव सिंह कुशवाह, बीरबल सिंह चैन के अलावा पीड़ित किसान हाकिम सिंह, हर प्रसाद कुशवाह, जसविंदर् सिंह, राघवेंद्र सिंह, एवं नरेश सिंह आदि शामिल रहे