नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली के खुदरा बाजारों में पिछले करीब तीन महीनों से प्याज की कीमतें नियंत्रण में बनी हुई हैं। मौजूदा समय में प्याज 25 से 30 रुपये प्रति किलो के दायरे में बिक रही है। खाड़ी देशों में युद्ध के हालातों के बीच पैदा हुए गैस और तेल के संकट के बीच, राजधानी दिल्ली में इन दिनों रसोई का बजट थोड़ा हल्का जरूर हुआ है, लेकिन खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के माथे पर शिकन गहरी हो गई है। बाजार में प्याज और टमाटर के दाम लगातार नीचे आ रहे हैं, जिससे आम आदमी को राहत मिल रही है, जबकि किसानों को अपनी उपज का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली के खुदरा बाजारों में पिछले करीब तीन महीनों से प्याज की कीमतें नियंत्रण में बनी हुई हैं। मौजूदा समय में प्याज 25 से 30 रुपये प्रति किलो के दायरे में बिक रही है। वहीं, थोक बाजार यानी आजादपुर मंडी में इसकी कीमत और भी कम होकर 8 से 18 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कीमतों में इस गिरावट ने ग्राहकों को राहत जरूर दी है, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसके असर दूरगामी हो सकते हैं। प्याज की बढ़ती सप्लाई का फायदा सीधे उपभोक्ताओं को मिल रहा है, लेकिन किसानों की स्थिति कमजोर होती जा रही है। व्यापारियों के अनुसार, मंडी में जहां प्याज 8 से 18 रुपये किलो बिक रही है, वहीं किसानों को खेतों पर सिर्फ 3 से 5 रुपये प्रति किलो का ही भाव मिल पा रहा है। लागत और मेहनत के मुकाबले यह कीमत बेहद कम है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/29/ मार्च/2026