राज्य
29-Mar-2026
...


* हिम्मतनगर से अहमदाबाद तक सफर आसान, किसानों, विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए सुनहरा अवसर अहमदाबाद (ईएमएस)| भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और क्षेत्रीय संतुलित विकास के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मार्च, 2026 को गुजरात में रु. 891 करोड़ की विभिन्न रेल परियोजनाओं का लोकार्पण एवं राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा खेड़ब्रह्मा – हिम्मतनगर – अहमदाबाद (असारवा) के बीच नई ट्रेन सेवा का शुभारंभ एवं खेडब्रह्मा-हिम्मतनगर रेल लाइन का लोकार्पण तथा गांधीधाम–आदीपुर रेल लाइन के मल्टी-ट्रैकिंग एवं कानालुस–जामनगर रेल लाइन के दोहरीकरण का राष्ट्र को समर्पण किया जाएगा, जिससे उत्तर गुजरात और राज्य के केंद्रीय भाग के बीच तेज, सुलभ और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था स्थापित होगी। * रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यापक विस्तार एवं आधुनिकीकरण ये परियोजनाएं केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन के लिए प्रेरक सिद्ध होंगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। * लोकार्पित होने वाली प्रमुख रेल परियोजनाएं नई ट्रेन सेवा : क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा खेड़ब्रह्मा से हिम्मतनगर होते हुए अहमदाबाद (असारवा) तक शुरू होने वाली नई ट्रेन सेवा आम जनता के लिए दैनिक यात्रा को सरल बनाएगी। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों के लिए शहर तक आवागमन अधिक सुविधाजनक और किफायती होगा। इससे ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों का सीधा संपर्क बड़े शहरों से होगा, जिससे जीवन स्तर में सुधार आएगा और स्थानीय व्यापारियों को नए बाजार उपलब्ध होंगे। खेड़ब्रह्मा – हिम्मतनगर रेल लाइन (55 किमी) रु. 482 करोड़ की लागत से निर्मित इस नई रेल लाइन से साबरकांठा क्षेत्र को सीधी रेल सुविधा प्राप्त होगी। अब लोग अहमदाबाद से नाना अंबाजी तक कम समय में और किफ़ायती किराए पे आसानी से पहुंच सकेंगे। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक शीघ्र पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी तथा क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगी। गांधीधाम – आदिपुर रेलखंड का मल्टीट्रैकिंग (11 किमी) रु. 152 करोड़ की लागत से निर्मित इस नई रेल लाइन से मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी। कांडला पोर्ट एवं आसपास के उद्योगों को माल परिवहन में तेजी मिलेगी, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेनों की समयपालन में सुधार होगा और यात्रियों को कम असुविधा होगी। विशेष रूप से नमक, कंटेनर, उर्वरक, पेट्रोलियम उत्पाद एवं कोयले के परिवहन में गति और दक्षता बढ़ेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स प्रणाली और मजबूत होगी। कानालुस – जामनगर रेलखंड का दोहरीकरण (27 किमी) रु. 257 करोड़ की लागत से पूर्ण इस परियोजना के तहत अब एक ही मार्ग पर दो ट्रैक उपलब्ध हो गए हैं, जिससे ट्रेनों के संचालन में विलंब कम होगा। यात्रियों को समय पर ट्रेन मिलेगी और यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी। मालगाड़ियों की गति में वृद्धि से व्यापार को भी लाभ होगा। यह परियोजना जामनगर एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन के लिए भी सहायक सिद्ध होगी। समावेशी विकास की दिशा में सशक्त कदम भारतीय रेलवे द्वारा की जा रही ऐसी पहलें देश के अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करते हुए “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत को साकार करती हैं। ये परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी तथा भारत को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में माइलस्टोन साबित होंगी। प्रधानमंत्री द्वारा इन परियोजनाओं का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। सतीश/29 मार्च

खबरें और भी हैं

देवघर(ईएमएस)।गैस की किल्लत ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं देवघर में एक संस्था मुश्किल हालात में भी सेवा का दीप जलाए हुए है।सदर अस्पताल परिसर में श्रील फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहा है।वर्ष 2020 से शुरू इस पहल के तहत संस्था हर दिन सुबह और शाम मिलाकर करीब 300 लोगों को मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन करा रही है।इन दिनों गैस की भारी किल्लत के कारण भोजन बनाना चुनौती बन गया है लेकिन फाउंडेशन से जुड़ी महिलाओं ने हार नहीं मानी।अब लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाकरई सेवा को लगातार जारी रखा जा रहा है। संस्था ने बताया कि फिलहाल भोजन करने वालों को सामान्य पानी पिलाया जा रहा है। ऐसे में बैंकों और बड़े संस्थानों से अपील की गयी है कि यहां एक आरओ सिस्टम लगवाने में सहयोग करें, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल भी मिल सके।फाउंडेशन ने शहरवासियों, दानदाताओं और संस्थानों से खाद्य सामग्री और आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि यह सेवा निरंतर चलती रहे।संस्था के सचिव राकेश वर्मा ने क