राष्ट्रीय
30-Mar-2026
...


नई दिल्ली,(ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए भारी टोल टैक्स और प्रवेश शुल्क के विरोध में सोमवार को पंजाब-हिमाचल सीमा पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। पंजाब मोर्चा के कन्वीनर गौरव राणा, कीर्ति किसान मोर्चा के प्रधान हरप्रीत सिंह भट्टो और बीकेयू के नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए और उन्होंने घंटों तक चक्का जाम जारी रखा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पंचायत मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने टैक्स कम नहीं किया और टोल नाके नहीं हटाए, तो यह संघर्ष और तेज होगा। नेताओं का कहना है कि अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है और सरकार को जनहित में इन शुल्कों को तुरंत वापस लेना होगा। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार से भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है, क्योंकि विधानसभा में भी इस मामले का अब तक कोई ठोस हल नहीं निकल सका है। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी पूरा सहयोग दिया, जिससे यातायात व्यवस्था लंबे समय तक ठप रही। जाम की सूचना मिलने पर तहसीलदार संदीप कुमार और थाना प्रभारी जतिन कपूर के नेतृत्व में प्रशासन मौके पर पहुँचा। करीब ढाई घंटे के गतिरोध के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से मांगपत्र लिया और उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुँचाने का भरोसा दिया। हालांकि जाम खोल दिया गया, लेकिन वाहनों की लंबी कतारों के कारण यातायात पूरी तरह बहाल होने में करीब चार घंटे का समय लग गया। इस बीच पठानकोट टैक्सी यूनियन के जिला प्रधान रिंकू कुमार ने ऐलान किया है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 1 अप्रैल को पठानकोट-डलहौजी और चंबा-धर्मशाला रूट को भी पूरी तरह ब्लॉक किया जाएगा। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। वीरेंद्र/ईएमएस/30मार्च2026