देहरादून,(ईएमएस)। बाबा रामदेव ने 2026 में उत्तराखंड के विकास और वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर अपनी विचारधारा साझा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पवित्र और आध्यात्मिक प्रदेश है, जहां प्राकृतिक संपदा और धार्मिक महत्व दोनों की भरमार है। उनका मानना है कि राज्य में इसतरह के प्रयास होने चाहिए, जिससे विश्वभर के पर्यटक और श्रद्धालु यहां आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्विट्जरलैंड जैसी विकसित स्थिति हासिल कर सकता है, न केवल औद्योगिक विकास में बल्कि ‘ग्लोबल हेल्थ हब’ के रूप में भी। बाबा रामदेव ने बताया कि राज्य में उपलब्ध दुर्लभ औषधियों के माध्यम से बीपी, शुगर और अन्य गंभीर बीमारियों का प्रभावी उपचार संभव है। हर की पौड़ी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि गंदगी और अव्यवस्था से पवित्र स्थल की छवि खराब होती है। घाटों पर कचरा और झोपड़ियां हैं, लेकिन वे भी गरिमापूर्ण होनी चाहिए। कुंभ के पावन मौके पर पतंजलि को सेवा का अवसर मिलने पर बाबा रामदेव ने हर की पौड़ी का कायाकल्प स्वयं के संसाधनों से करने का प्रयास बताया। मिडिल ईस्ट के तनाव पर उन्होंने चिंता जताकर कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका और इजरायल की नीतियों ने वैश्विक संकट बढ़ाया है। बाबा ने स्पष्ट किया कि उनका दृष्टिकोण किसी देश के पक्ष में नहीं बल्कि मानवता के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर दूरी पैदा करने वाले समाज को गुमराह कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप जैसी व्यक्तित्वों पर उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि विश्व शांति के लिए व्यक्तिगत अहंकार से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर भारत की नीति की भी सराहना की। बाबा रामदेव के अनुसार, जब दो पक्षों में संघर्ष हो, अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना बुद्धिमत्ता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संतुलित विदेश नीति की प्रशंसा करते हुए इसे राष्ट्रहित में बताया। बाबा रामदेव ने उत्तराखंड को आध्यात्मिक, पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक रूप से विकसित करने की संभावनाओं पर जोर दिया और मिडिल ईस्ट के तनाव पर मानवता आधारित दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। आशीष दुबे / 31 मार्च 2026