राष्ट्रीय
30-Mar-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखकर केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राशन की दुकानों (पीडीएस) के पारंपरिक दायरे से बाहर निकलकर केरोसिन (मिट्टी का तेल) देश के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर मिलेगा। केंद्र सरकार का यह कदम घरेलू ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को सुलभ बनाने की दिशा में उठाया गया है। मोदी सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला को लचीला बनाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के कठोर नियमों में 60 दिनों की विशेष ढील दी है। इस नई नीति के तहत व्यवस्था कुछ इस प्रकार होगी। प्रत्येक जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंपों का चुनाव करेगा। इन्हीं पंपों के माध्यम से केरोसिन का भंडारण और वितरण किया जाएगा। इन चिह्नित पेट्रोल पंपों को अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन का स्टॉक रखने की अनुमति दी गई है। केरोसिन बांटने वाले एजेंटों और डीलरों को फिलहाल लाइसेंस लेने की अनिवार्य प्रक्रिया से छूट दी गई है। साथ ही, टैंकरों से तेल उतारने (सप्लाई) के नियमों को भी सरल बनाया गया है। यह निर्णय मुख्य रूप से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए घरेलू बाजार में किसी भी तरह की कमी को रोकने के लिए सरकार ने अभी से एहतियाती कदम उठाए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में देश के भीतर ईंधन की कोई किल्लत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सभी भारतीय रिफाइनरियां अपनी शीर्ष क्षमता पर कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। प्रतिदिन औसतन 55 लाख से अधिक सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं। ऑनलाइन गैस बुकिंग का आंकड़ा 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे वितरण में पारदर्शिता आई है। घरेलू उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जा रही है, जबकि औद्योगिक और कमर्शियल सेक्टर को उनकी औसत खपत का 80 प्रतिशत आवंटित किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 4.80 करोड़ लीटर केरोसिन आवंटित किया है ताकि एलपीजी की मांग को जरूरत पड़ने पर संतुलित किया जा सके। साथ ही, सिटी गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे होटल और कमर्शियल संस्थानों में पीएनजी कनेक्शन का विस्तार करें। मोदी सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। कुछ राज्यों में घबराहट के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गई हैं, लेकिन प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है। आशीष दुबे / 30 मार्च 2026