अंतर्राष्ट्रीय
30-Mar-2026


तेलअवीव,(ईएमएस)। वेस्ट बैंक में अमेरिकी पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी और उन्हें हिरासत में लेने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना पर कड़ा संज्ञान लेकर इजराइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने एक पूरी रिजर्व बटालियन को सस्पेंड किया है। यह बटालियन विवादित नेत्जाह यूनिट का हिस्सा है। सेना ने न केवल इनकी ऑपरेशनल गतिविधियों पर रोक लगा दी है, बल्कि पूरी यूनिट को वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग पर भेज दिया है। यह मामला 26 मार्च को फिलिस्तीनी गांव तायासिर में हुआ। अमेरिकी पत्रकार अपनी टीम के साथ वहां इजराइली सेटलर्स द्वारा किए गए हमलों के बाद की स्थिति की रिपोर्टिंग कर रहे थे। चश्मदीदों से बातचीत के दौरान वहां इजराइली सैनिकों की एक टीम पहुंची। शुरुआती पूछताछ के बाद माहौल हिंसक हो गया। सैनिकों पर आरोप है कि उन्होंने पत्रकारों को जबरन हिरासत में लिया। इस दौरान एक सैनिक ने फोटो जर्नलिस्ट का गला पकड़कर उन्हें जमीन पर पटक दिया, जिससे उनका कैमरा टूट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्रकारों द्वारा अपनी पहचान बताने के बावजूद सैनिकों ने उन पर बंदूकें तानीं और शूटिंग रोकने के लिए मजबूर किया। इस हिंसक घटना की अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (एफपीए) ने कड़ी निंदा की है। संगठन ने प्रेस की आजादी पर सीधा हमला करार देकर कहा कि पत्रकारों के प्रति बढ़ती दुश्मनी चिंताजनक है। एफपीए ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार सैनिकों को सजा मिले। इजराइली सेना ने स्वीकार किया है कि सैनिकों का व्यवहार पेशेवर मानकों के अनुरूप नहीं था। सेना के प्रवक्ता ने कहा कि बटालियन को तुरंत प्रभाव से ऑपरेशनल ड्यूटी से हटा दिया गया है। जांच पूरी होने तक वे किसी भी सैन्य गतिविधि का हिस्सा नहीं होंगे। उन्हें फिर से प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहली बार नहीं है जब नेत्जाह यूनिट अपने व्यवहार को लेकर विवादों में रही है, लेकिन पूरी बटालियन को सस्पेंड करना दुर्लभ और बड़ा कदम है। मामले में संलिप्त सैनिकों पर अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। आशीष दुबे / 30 मार्च 2026