*शशि भूषण दूबे कंचनीय/मोहम्मद अमीन शेख* मीरजापुर (ईएमएस)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल (जल जीवन मिशन) योजना क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए राहत नहीं बल्कि एक बड़ा छलावा साबित होती नजर आ रही है। तहसील लालगंज के धसड़ाराजा,बरौंधा, कठार, परसिया गोकुल और दिघुली समेत दर्जनों गांवों में योजना की जमीनी हकीकत कागजी दावों से बिल्कुल उलट है।ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2023 में योजना के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखा दिए गए लेकिन आज तक घरों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। कई स्थानों पर केवल पाइप, टोटी और स्टैंड लगाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे योजना महज दिखावा बनकर रह गई है। हैरानी की बात यह है कि अधिकारी कागजों में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। जबकि गांवों में आज भी लोग दूषित जल स्रोतों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और वे इसे खुलेआम भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही का उदाहरण बता रहे हैं। इस संबंध में ग्राम निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता डा. दया शंकर तिवारी ने समाधान दिवस अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय, और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से योजना में भारी अनियमितताएं की गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई और जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। साथ ही इस मामले को मुख्यमंत्री पोर्टल सहित उच्च स्तर तक उठाने की चेतावनी भी दी गई है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं। ईएमएस/मोहने/ 30 मार्च 2026