तेहरान (ईएमएस)। ईरान के मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिका के हमले में महान एयर के एक विमान को निशाना बनाया गया है। इस हमले से भारत और ईरान के बीच चल रहे मानवीय सहायता मिशन में बड़ी रुकावट आई है। हमले में जिस विमान को निशाना बनाया गया था, उसे विशेष रूप से भारत से दवाएं लाने के लिए निर्धारित किया गया था। इस विमान को 1 अप्रैल को सुबह 4 बजे नई दिल्ली पहुंचना था, ताकि वहां से सहायता सामग्री ली जा सके। इस विशेष उड़ान को भारत से ईरान तक 11 टन मानवीय सहायता, जिसमें मुख्य रूप से दवाएं ले जानी थी। यह ध्यान देने योग्य है कि भारत ने 18 मार्च, 2026 को ईरान को सहायता की पहली खेप भेजी थी, जिसे नई दिल्ली ने दोनों देशों के बीच प्राचीन सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक बताया था। इस घटना ने ईरान में कमर्शियल एविएशन (वाणिज्यिक विमानन) की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, युद्ध के शुरुआती चरणों में भी मेहराबाद एयरपोर्ट पर इजरायली हमलों के दौरान लगभग 16-17 कमर्शियल यात्री और कार्गो विमान नष्ट हो गए थे। इजरायल ने पहले दावा किया था कि ये उड़ानें कुद्स फोर्स की थीं और इनका इस्तेमाल आतंकवादियों को हथियार पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। इजरायल यह भी आरोप लगाता है कि ईरान रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए हथियार भेजने के लिए महान एयर जैसे कमर्शियल विमानों का उपयोग करता है। हालांकि, सैटेलाइट तस्वीरों से इस बात की पुष्टि हुई है कि ये केवल यात्री विमान थे। सुबोध/३०-०३-२०२६