क्षेत्रीय
31-Mar-2026
...


गुना (ईएमएस)। शहर के दलवी कॉलोनी स्थित अल्फा स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षा के अधिकार और मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखने का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल संचालक ने कथित तौर पर एक साजिश के तहत कक्षा की टॉपर छात्राओं को स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा दिया। सोमवार को पीड़ित बच्चियों ने अपने माता-पिता के साथ सिटी कोतवाली पहुंचकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही के लिए आवेदन सौंपा है। बीमारी बनी मजबूरी, स्कूल ने बनाया प्रताडऩा का जरिया भगत सिंह कॉलोनी निवासी दिलीप थापर ने बताया कि उनकी 6 वर्षीय बेटी इशिता टाइप-1 डायबिटीज जैसी गंभीर जानलेवा बीमारी से पीडि़त है। उसे दिन में कई बार इंसुलिन के इंजेक्शन देने पड़ते हैं और शुगर की जांच करनी होती है। चूंकि बच्ची बहुत छोटी है, इसलिए पिता को हर रोज स्कूल जाकर उसे इंसुलिन देना और खाना खिलाना पड़ता है। दाखिले के समय स्कूल संचालक जॉय वर्गीस ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ माह बाद ही प्रबंधन ने इस मानवीय प्रक्रिया में रोक-टोक और प्रताडऩा शुरू कर दी। प्रशासन की हिदायत भी रही बेअसर पीडि़त पिता ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई थी। प्रशासन ने स्कूल को हिदायत देकर मामला शांत करा दिया, लेकिन स्कूल संचालक के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने सुधार करने के बजाय बदले की भावना से काम किया। जैसे ही बच्चों के वार्षिक इम्तेहान पूरे हुए, परिणाम के दिन ही दोनों बेटियों लेशाना (14) और इशिता (6) का नाम स्कूल से काट दिया गया। निर्धनता का मजाक और भविष्य से खिलवाड़ जोमेटो कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत दिलीप थापर ने आरोप लगाया कि उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूरी का स्कूल द्वारा मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर फीस भरने के बावजूद स्कूल संचालक ने उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल की और बच्चों के भविष्य को अधर में डाल दिया है। कोतवाली पुलिस ने आवेदन स्वीकार कर मामले की जांच और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। - सीताराम नाटानी