नई दिल्ली (ईएमएस)। कच्चे तेल की कीमतें मंगलवार 31 मार्च को लगातार चौथे दिन बढ़ीं। पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आई है। मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड 115.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि जून कॉन्ट्रैक्ट 108.96 डालर पर था। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 105.96 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जो 9 मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ को प्रभावी रूप से बंद करने से स्थिति और गंभीर हो गई है। यह मार्ग दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई और बड़ी मात्रा में गैस टैंकरों के लिए अहम है। सप्लाई में बाधा के कारण बाजार में तेज उछाल देखने को मिला। मार्च में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 59 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक उछाल है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 58 प्रतिशत बढ़ा, जो मई 2020 के बाद सबसे अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई बाधा कीमतों को और ऊँचा रख सकती है। सतीश मोरे/31मार्च ---