क्षेत्रीय
31-Mar-2026
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- 52 प्रकरण हाई कोर्ट भेजे गए जबलपुर, (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों में विगत 19 फरवरी को अंतिम आदेश पारित कर मामले मप्र हाई कोर्ट भेज दिए थे और कहा था कि तीन माह के भीतर इनका अंतिम निराकरण किया जाए। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन पेश कर उक्त आदेश में संशोधन की मांग की गई। सुप्रीम कोर्ट ने दो प्रकरणों को ट्रांसफर नहीं किए हैं। इनकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में ही होगी। वहीं शेष 52 प्रकरण हाई कोर्ट भेज दिए गए हैं। विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि हाई कोर्ट में ओबीसी आरक्षण के विचाराधीन सभी प्रकरणों को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कराए गए थे। ये मामले दो अलग-अलग बंचो में अलग-अलग खंडपीठ के समक्ष पेंडिंग थे। लगभग एक दर्जन मामले जस्टिस नरसिम्हा एवं जस्टिस आलोक आराधे के समक्ष नियत थे। इनमें ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर द्वारा नियमित सुनवाई हेतु आवेदन दाखिल किए थे। सुको ने 19 फरवरी को अंतिम आदेश पारित कर इन प्रकरणों को हाई कोर्ट भेज दिए थे। इसके बाद दीपक पटेल की ओर से एक रिव्यू याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित आदेश के तहत 52 प्रकरण हाई कोर्ट वापस भेज दिए। दो विशेष अनुमत याचिकाएं जो पूर्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस की गई थी उन्हें रिकाल कर लिया है। सुनील साहू / मोनिका / 31 मार्च 2026/ 1.04