राष्ट्रीय
31-Mar-2026
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देश में पहली बार जनगणना में खुद अपनी जानकारी आनलाइन भरने की सुविधा नई दिल्ली,(ईएमएस)। जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक तकनीक से हो रही है। पहले चरण को हाउस लिस्टिंग कहा जाएगा, जिसमें मकानों और घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। मकानों की गिनती में इस बार जियो-रेफरेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे हर घर की सटीक लोकेशन सीधे डिजिटल मैप पर दर्ज होगी। मोदी सरकार का कहना है कि इससे कोई मकान छूटेगा नहीं और किसी घर की गिनती दो बार भी नहीं होगी। हाउस लिस्टिंग के बाद फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का दूसरा चरण शुरू होगा। इस बार पहली बार आजादी के बाद जाति से जुड़ा डेटा भी जुटाया जाएगा। इससे पहले ऐसा 1931 की जनगणना में हुआ था। जनगणना 2027 में लोगों को यह सुविधा दी गई है कि वे स्वयं अपने घर की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर जाना होगा। जानकारी भरते ही स्क्रीन पर एसई आईडी दिखाई देगी, जिसे बाद में जनगणना कर्मी को दिखाना होगा। इस प्रक्रिया में ध्यान रखने योग्य कुछ बातें हैं। एक मोबाइल नंबर से केवल एक घर रजिस्टर होगा। मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा। मोदी सरकार से साफ कर दिया हैं कि जनगणना डेटा को अत्यंत संवेदनशील माना गया है और इस डेटा को बैंकिंग सिस्टम जैसी सुरक्षा दी जाएगी। इसकी निगरानी नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर करेगी। डेटा को अति संवेदनशील सूचना बुनियादी ढांचे (सीआईआई) की श्रेणी में रखा गया है, जिससे यह पूरी तरह गोपनीय रहेगा और आरटीआई के दायरे से बाहर होगा। इस डेटा को किसी सरकारी योजना या अदालत में साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। डेटा लीक होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई होगी। जनगणना का आधिकारिक आंकड़ा 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि के आधार पर तय माना जाएगा। जनगणना में इस बार कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं। अगर कोई जोड़ा लंबे समय से साथ रह रहा है, तब उस जोड़े को विवाहित युगल माना जाएगा, भले ही वे विवाह के बंधन में न बंधे हों। इसके अलावा जनगणना कर्मी आपसे मासिक आय, बैंक बैलेंस, आधार, पैन, बैंक खाता नंबर या ओटीपी जैसी निजी जानकारी नहीं पूछने वाले है। पहले चरण में पूछे जाने वाले 33 सवाल.........जिन सवालों को तीन श्रेणियों में बांटा गया 1. मकान और उसकी बनावट भवन संख्या (नगरपालिका/स्थानीय प्राधिकरण का नंबर) जनगणना मकान नंबर मकान में इस्तेमाल की सामग्री (मिट्टी, लकड़ी, सीमेंट, पत्थर आदि) दीवार की सामग्री (घास, ईंट, पत्थर, कंक्रीट आदि) छत की सामग्री (खपरैल, टिन, लोहे की चादर, कंक्रीट आदि) मकान का उपयोग (आवासीय, दुकान या अन्य) मकान की स्थिति (अच्छी, रहने योग्य या जर्जर) घर का नंबर (परिवार के लिए) परिवार में रहने वाले लोगों की संख्या 2. परिवार और मुखिया की जानकारी परिवार के मुखिया का नाम मुखिया का लिंग (पुरुष / महिला / थर्ड जेंडर) मुखिया अनुसूचित जाति (एससी) से है या नहीं मुखिया अनुसूचित जनजाति (एसटी) से है या नहीं मुखिया किसी विशेष समुदाय से है या नहीं (जाति संबंधी जानकारी) मकान का मालिकाना हक (अपना या किराए का) परिवार में विवाहित जोड़ों की संख्या 3. सुविधाएं और संसाधन परिवार के पास कमरों की संख्या पीने के पानी का स्रोत (नल, हैंडपंप, कुआं आदि) और क्या पानी का स्रोत भवन के अंदर या बाहर है बिजली का स्रोत (बिजली, केरोसिन, सौर ऊर्जा आदि) शौचालय की उपलब्धता और उसका प्रकार गंदे पानी की निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था स्नान (नहाने) की सुविधा रसोई की उपलब्धता और एलपीजी/ पीएनजीकनेक्शन खाना पकाने का ईंधन (गैस, लकड़ी, कोयला आदि) रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता टेलीविजन की उपलब्धता डिजिटल उपकरण (इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर, मोबाइल/स्मार्टफोन) वाहनों की उपलब्धता (साइकिल, स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन) यह 33 सवाल मकान और परिवार की आधारभूत जानकारी को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने और पूरी तरह कवर करने के लिए हैं। इससे सरकार को न केवल घरों की सटीक संख्या पता चलेगी, बल्कि परिवार की संरचना, सुविधाओं और डिजिटल पहुँच का भी स्पष्ट चित्र मिलेगा। नवीन डिजिटल प्रणाली से यह जनगणना तेज़, सुरक्षित और सटीक होगी, जिससे देश की आवासीय और जनसंख्या डेटा का भरोसेमंद आंकड़ा तैयार होगा। आशीष दुबे / 31 मार्च 2026