नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारतीय टेनिस के चमकते सितारे लिएंडर पेस ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में जोरदार एंट्री कर मंगलवार को भाजपा का दामन थाम लिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में उनका पार्टी में स्वागत किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले बारह वर्षों में खेल और खिलाड़ियों को नई पहचान दी है, और अब पेस जैसे दिग्गज का जुड़ना पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बात दें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पेस की भाजपा में एंट्री ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। हाल ही में उन्होंने कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। पेस का यह कदम राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। 2021 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का समर्थन किया था और 2022 में गोवा चुनाव के दौरान प्रचार भी किया था। हालांकि उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा, उनकी उपस्थिति ने तब काफी चर्चा बटोरी थी। अब भाजपा में शामिल होने से यह साफ होता है कि सियासत में स्थायित्व से ज्यादा रणनीति मायने रखती है। पेस सिर्फ खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि 18 ग्रैंड स्लैम जीतने वाले सफलतम भारतीय टेनिस सितारों में शामिल हैं। उनकी पहचान सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे राष्ट्रीय प्रतीक बन चुके हैं। भाजपा उनकी लोकप्रियता और पहचान का फायदा उठाने की तैयारी कर रही है, खासकर शहरी और युवा मतदाताओं में प्रभाव बनाने के लिए। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा का यह कदम सीधे युवा वोट बैंक को टार्गेट करता है। खेल, ग्लैमर और राष्ट्रीय गौरव के मेल से तैयार यह नया समीकरण पार्टी को नई ऊर्जा दे सकता है। पेस का बंगाल से गहरा जुड़ाव भी पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि स्थानीय पहचान और राष्ट्रीय लोकप्रियता का यह संगम उन्हें जनता से सीधे संवाद करने का अवसर देता है। भाजपा अब उन्हें स्टार प्रचारक के तौर पर मैदान में उतारने की योजना बना रही है, जिससे पार्टी शहरी, शिक्षित और महत्वाकांक्षी वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत कर सके। लिएंडर पेस की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा हर स्तर पर रणनीति को धार दे रही है। अब सवाल यह नहीं कि उन्होंने पार्टी क्यों बदली, बल्कि यह है कि उनके आने से चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ेगा। आशीष दुबे / 31 मार्च 2026