31-Mar-2026
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बुरहानपुर (ईएमएस)। निमाड़ की सर जमीन खंडवा में मुस्लिम कौम और मिल्लत की बेदारी को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन हवाई पट्टी के निकट एक निजी रिसोर्ट में किया गया है जिसमें आज के दौर की एक अहम जरूरत बन चुकी तालीमी बेदारी और बदलते सामाजिक और शैक्षिक माहौल में नई नस्ल को सही दिशा देना और उन्हें दीन व दुनिया की बेहतरीन तालीम से जोड़ना वक्त की मांग है। इसी अहम मकसद को सामने रखते हुए वरटस सोशल वेलफेयर ऑर्गेना इजेशन खंडवा के ज़ेरे-एहतमाम एक मुशावर्ती जलसे का आयोजन किया गया है, जो समाजी इस्लाह और तालीमी बेदारी की एक अहम कड़ी साबित हो सकता है। इस जलसे का बुनियादी मकसद नौजवानों को उनके असल मकाम से वाकिफ कराना, उन्हें इस्लामी तालीमात के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा की अहमियत समझाना और उनके अंदर जिम्मेदारी का एहसास पैदा करना है आज की नई नस्ल कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें तालीम की कमी, बेरोजगारी और राह से भटकने का खतरा शामिल है ऐसे में इस तरह के प्रोग्राम उनकी रहनुमाई के लिए बेहद जरूरी हैं। जलसे में दीन और दुनिया दोनों तरह की आला तालीम पर जोर दिया जाएगा, ताकि नौजवान एक कामयाब और जिम्मेदार इंसान बन सकें। साथ ही, उलेमा, समाजी रहनुमा और तालीमी माहिरीन विशेष रूप से आईएएस कोचिंग अकैडमी के मोटिवेशनल स्पीकर समीर सिद्दीकी एवं पाक़ीज़ा ग्रुप के मकसूद हुसैन गौरी अपने ख्यालात पेश करेंगे और मौजूद नौजवानों को सही रास्ता दिखाने की कोशिश करेंगे। यह मुशावर्ती जलसा ना सिर्फ एक प्रोग्राम है, बल्कि एक मिशन है जो कौम की तरक्की और बेहतरी की तरफ एक मजबूत कदम है। अगर इस तरह की कोशिशें लगातार जारी रहें, तो यकीनन हमारी नई नस्ल एक रोशन मुस्तकबिल की तरफ बढ़ेगी और समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाएगी। अकील आजाद/31/03/2026