31-Mar-2026
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जगदलपुर (ईएमएस)। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत सोमवार को जगदलपुर स्थित वेटरनरी पॉलिटेक्निक में संभागीय किसान पशुपालक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से आए लगभग सौ पशुपालक किसानों ने उत्साहपूर्वक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों और शासकीय योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना था। संगोष्ठी के दौरान विषय विशेषज्ञों ने किसानों को पशुपालन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। डॉ पीएस देशमुख ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, तो वहीं डॉ योगेश देवांगन ने राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान और नस्ल सुधार कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में डॉ. विवेक नायक ने हीट डिटेक्शन, थनैला (मास्टाइटिस) एवं थैलीरियोसिस जैसे रोगों के लक्षणों व बचाव के उपाय साझा किए। पशु प्रबंधन की कड़ी में डॉ पीआरएस नेगी ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए हरे चारे और संतुलित आहार की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही डॉ केके देव ने प्रदेश में सक्रिय मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई की सेवाओं और डॉ मुकेश शर्मा ने प्रयोगशाला में बीमारियों की जांच संबंधी सुविधाओं के बारे में किसानों को जागरूक किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत के कृषि सभापति कामदेव बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की अपेक्षा वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन में कमी आई है, इसलिए यह आवश्यक है कि किसान कृषि के साथ-साथ पशुपालन को सहायक व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करें। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी पशु चिकित्सा संस्थानों से निरंतर संपर्क में रहें। संयुक्त संचालक डॉ. डीके नेताम के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों और कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया राष्ट्रीय गोकुल मिशन के माध्यम से पशुपालकों के पास अपनी आय बढ़ाने के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं। संगोष्ठी के समापन सत्र में सफल पशुपालकों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें राष्ट्रीय पशुधन मिशन से लाभान्वित कु. ग्रेसी दुग्गा ने सूकरपालन और सुरेंद्र देवांगन ने भेड़ पालन में मिली सफलता की कहानी सुनाकर अन्य किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सुधीर जैन/चंद्राकर/31 मार्च 2026