- माणक-मोती और रत्नों से दमक उठे प्रभु - महावीर जयंती पर पिपली बाजार में उमड़ा जनसैलाब : 3 घंटे की कड़ी मेहनत से तैयार हुई रत्न जड़ित अंग रचना, निहाल हुए भक्त :: इंदौर (ईएमएस)। संस्कारधानी इंदौर के हृदय स्थल पिपली बाजार स्थित ऐतिहासिक श्री दादा आदिनाथ (सफेद) मंदिर में महावीर जयंती का पर्व अपार श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर में विराजित श्रमण भगवान महावीर स्वामी का ऐसा दिव्य और भव्य रत्न जड़ित श्रृंगार किया गया कि दर्शनार्थियों की आँखें फटी रह गईं। प्रभु के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जो देर रात तक अनवरत जारी रहा। परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी पुंडरीक पलरेचा द्वारा भगवान महावीर स्वामी की विशेष अंग रचना की गई। प्रभु को माणक, मोती और बहुमूल्य रत्नों से निर्मित अत्यंत दुर्लभ और प्राचीन पोशाक धारण कराई गई। इस बारीक कारीगरी वाली अंग रचना को पूर्ण करने में 3 घंटे से भी अधिक का समय लगा। रत्नों के अद्भुत संयोजन और कलात्मकता के कारण गर्भगृह की आभा देखते ही बन रही थी। जैसे ही मंदिर के पट खुले, जय जिनेन्द्र के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। :: भक्ति के रंग में रंगा पूरा क्षेत्र :: केसरिया वस्त्रों में सजे श्रद्धालु कतारबद्ध होकर प्रभु के दर्शनों की प्रतीक्षा करते नजर आए। मंदिर समिति द्वारा भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के विशेष प्रबंध किए गए थे। विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती के दौरान भक्तों का उत्साह चरम पर था। श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्ष में केवल एक बार होने वाले इस विशेष रत्न श्रृंगार के दर्शन मात्र से ही मन को अपार शांति और असीम आनंद की अनुभूति होती है। पिपली बाजार का यह प्राचीन मंदिर अपनी ऐतिहासिक भव्यता और गहरी आस्था के लिए विश्व प्रसिद्ध है। महावीर जयंती के उपलक्ष्य में न केवल इंदौर बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में समाजजन यहाँ पहुँचे। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजे मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। देर रात तक भक्त प्रभु के इस मनमोहक स्वरूप को अपनी आँखों और कैमरों में कैद करते दिखाई दिए, जिससे पूरा क्षेत्र महावीर मय हो गया। प्रकाश/31 मार्च 2025