नई दिल्ली (ईएमएस)। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने वाला बिल अप्रैल के तीसरे हफ्ते में लाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि विपक्षी पार्टियों ने सरकार से मांग की थी कि महिला आरक्षण संशोधन बिल को पेश करने से पहले ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई जाए। उन्होंने शर्त ये रखी थी कि ऑल पार्टी मीटिंग 29 अप्रैल के बाद यानी बंगाल और बाकी राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद की जाए। लेकिन सरकार बिल को अप्रैल के तीसरे हफ्ते में ही लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बजट सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है। महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में ही पास हो चुका है। अब सरकार इसमें संशोधन करने जा रही है। इस बिल को मार्च में ही लाए जाने की तैयारी थी लेकिन विपक्ष की आपत्ति के बाद इसे टाल दिया गया। अब सूत्रों का कहना है कि इस संशोधित बिल को 15 अप्रैल के आसपास लाया जा सकता है। इसी बिल के साथ परिसीमन बिल भी पेश किए जाने की संभावना है ताकि लोकसभा और विधानसभा की सीमाओं का परिसीमन किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, दोनों बिल 13 अप्रैल से शुरू होने वाले हफ्ते में पेश हो सकते हैं। सुबोध/३१-०३-२०२६