ज़रा हटके
01-Apr-2026
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सिडनी (ईएमएस)। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पास गहरे समुद्र में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे जीव को खोज निकाला है, जिसे धरती का ‘जीवित इतिहास’ कहा जा रहा है। यह जीव चेंबर नॉतिलस है, जिसका अस्तित्व करीब 48 करोड़ साल पुराना माना जाता है। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय के बावजूद इसके आकार, बनावट और जीवनशैली में लगभग कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे यह वैज्ञानिकों के लिए बेहद खास बन गया है। समुद्र की गहराइयों में पाया जाने वाला चेंबर नॉतिलस वैज्ञानिकों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं है। यही वजह है कि यह प्राचीन समुद्री जीवन की झलक आज भी अपने भीतर समेटे हुए है। चेंबर नॉतिलस की सबसे अनोखी विशेषता उसका सर्पिल आकार का कठोर कवच है। इस कवच के अंदर कई छोटे-छोटे गैस से भरे कक्ष होते हैं, जो इसे समुद्र की अलग-अलग गहराइयों में संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। इन्हीं कक्षों के जरिए यह अपनी उछाल को नियंत्रित करता है और बिना ज्यादा ऊर्जा खर्च किए ऊपर-नीचे तैर सकता है। यह प्राकृतिक तंत्र इसे समुद्र के कठिन वातावरण में भी आसानी से जीवित रहने की क्षमता देता है। यह जीव आज भी अस्तित्व में है और मुख्य रूप से प्रशांत और हिंद महासागर की गहराइयों में पाया जाता है, जहां यह आमतौर पर 300 से 600 मीटर नीचे रहता है। हालांकि, इसकी संख्या लगातार घट रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह इसकी धीमी विकास दर है इसे परिपक्व होने में लगभग 15 साल का समय लगता है। इसके अलावा, इसके सुंदर और आकर्षक कवच के लिए होने वाला अवैध शिकार भी इसके अस्तित्व पर गंभीर खतरा बन चुका है, जिसके चलते यह अब दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल होता जा रहा है। कई लोग इसे झींगा समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में यह ‘सेफलोपोड’ परिवार का सदस्य है। इसी समूह में ऑक्टोपस और स्क्विड जैसे जीव भी आते हैं। हालांकि, नॉतिलस की खास पहचान उसका बाहरी कठोर कवच है, जो इसे अन्य सेफलोपोड्स से अलग बनाता है। अगर इसकी उम्र की तुलना डायनासोर से की जाए, तो यह उनसे भी कहीं ज्यादा पुराना है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जहां डायनासोर का उदय लगभग 23-24 करोड़ साल पहले हुआ था, वहीं नॉतिलस का वंश करीब 48 करोड़ साल पुराना है। यानी यह जीव डायनासोर से भी लगभग 20 करोड़ साल पहले से पृथ्वी पर मौजूद है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह जीव पृथ्वी पर आए पांच बड़े महाविनाशों से भी बचकर आज तक जीवित है। वैज्ञानिक मानते हैं कि गहरे समुद्र का स्थिर वातावरण और इसका कम ऊर्जा वाला चयापचय इसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने में मदद करता है। यही कारण है कि चेंबर नॉतिलस आज भी समुद्र की गहराइयों में अपनी धीमी लेकिन स्थिर जिंदगी जी रहा है और वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बना हुआ है। डेविड/ईएमएस 01 अप्रैल 2026