अंतर्राष्ट्रीय
01-Apr-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा दुनिया की 18 दिग्गज कंपनियों को निशाना बनाने की सीधी धमकी दिए जाने के बाद अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है। खबर है कि अमेरिकी सेना तेहरान के किसी भी संभावित हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि अब तक इस सैन्य तैयारी को लेकर कोई औपचारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई थी, लेकिन आंतरिक सैन्य हलचलें तेज हो गई हैं। जिन कंपनियों को चेतावनी दी है, उनमें गूगल, मेटा, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, और टेस्ला जैसी दिग्गज तकनीक और वित्तीय कंपनियां शामिल हैं। ईरान का आरोप है कि ये कंपनियां उसके खिलाफ रची जा रही आतंकवादी योजनाओं में सक्रिय रूप से शामिल हैं। धमकी भरे बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन कंपनियों को 1 अप्रैल को स्थानीय समयानुसार रात आठ बजे से अपने ठिकानों के विनाश के लिए तैयार रहना चाहिए। ईरान ने यह चेतावनी उसके देश में होने वाली हत्याओं के प्रतिशोध के रूप में दी है। इस सूची में एनवीडिया, डेल, बोइंग और जेपी मॉर्गन जैसी प्रभावशाली वैश्विक संस्थाएं भी शामिल हैं, जिससे पूरी दुनिया के बाजारों में चिंता फैल गई है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ईरान की तरफ से किए जाने वाले किसी भी हमले को रोकने के लिए पहले की तरह सक्षम है। अधिकारी ने तर्क दिया कि पूर्व में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की प्रभावशीलता में आई 90 प्रतिशत की गिरावट अमेरिकी सैन्य श्रेष्ठता का प्रमाण है। इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि उन्हें अब ईरान युद्ध की फिनिश लाइन नजर आ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान चल रहा है और भविष्य में सीधी मुलाकात की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने रुख में नरमी लाते हुए संकेत दिए हैं कि अमेरिका ईरान पर जारी अपने सैन्य हमलों को अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर समाप्त कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि वे जल्द ही इस सैन्य अभियान को समाप्त कर वापसी कर सकते हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ एक ठोस डील करना चाहता है ताकि युद्ध को रोका जा सके। वहीं, एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में संयुक्त अरब अमीरात के भी युद्ध के मैदान में उतरने की चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि यूएई तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा सकता है। वीरेंद्र/ईएमएस/01अप्रैल 2026 -----------------------------------