अंतर्राष्ट्रीय
02-Apr-2026


दोहा(ईएमएस)। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। खुद को शांतिदूत (पीस ब्रोकर) के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को पश्चिम एशियाई देश कतर ने बड़ा कूटनीतिक झटका दिया है। कतर सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा ऑन अराइवल (पहुंचने पर मिलने वाला वीजा) की सुविधा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। कतर में स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को सचेत किया है कि वर्तमान परिस्थितियों के कारण अब उन्हें बिना पूर्व वीजा के देश में प्रवेश नहीं मिलेगा। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि जो यात्री बिना वैध वीजा के कतर पहुंचेंगे, उन्हें इमिग्रेशन काउंटर पर रोका जा सकता है और उन्हें वापस भेजा जा सकता है। अब सभी पाकिस्तानी नागरिकों को कतर की यात्रा से पहले दूतावास या आधिकारिक केंद्रों से उचित वीजा लेना अनिवार्य होगा। पाकिस्तान की ओर से इस सक्रियता और मध्यस्थता की कोशिशों के बीच कतर का यह कदम उसकी अंतरराष्ट्रीय साख पर एक बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। इसके विपरीत, भारत और कतर के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का असर इस युद्धकाल में भी स्पष्ट नजर आ रहा है। जहां पाकिस्तानियों के लिए नियम कड़े किए गए हैं, वहीं भारतीय नागरिकों के लिए वीजा ऑन अराइवल की सुविधा निर्बाध रूप से जारी है। कतर सरकार ने फरवरी 2026 के अंत में उन सभी यात्रियों के वीजा की अवधि 30 दिनों के लिए स्वतः बढ़ा दी थी जो युद्ध के कारण वहां फंसे हुए थे। वर्तमान नियमों के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारकों को अभी भी 30 दिनों के लिए मुफ्त वीजा ऑन अराइवल मिल रहा है, बशर्ते उनके पास 6 महीने की वैधता वाला पासपोर्ट, कन्फर्म रिटर्न टिकट और होटल बुकिंग जैसे आवश्यक दस्तावेज हों। पाकिस्तान के लिए इस सुविधा का बंद होना न केवल उसके नागरिकों की यात्रा में बाधा खड़ा करेगा, बल्कि यह पश्चिम एशिया में उसकी गिरती कूटनीतिक पकड़ का भी संकेत माना जा रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/02अप्रैल2026