राज्य
02-Apr-2026


गढ़वा(ईएमएस)।डंडई प्रखंड में अनुसूचित एवं आदिम जनजाति परिवारों के राशन वितरण में बड़ी धांधली का खुलासा हुआ है।गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित उपप्रमुख प्रतिनिधि राम आशीष प्रसाद के घर (शिवम ट्रेडर्स) से भारी मात्रा में सरकारी चावल बरामद होने के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से डाकिया योजना का राशन उन्हें नहीं दिया गया और उसे कालाबाजारी के लिए छिपाकर रखा गया था।ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार की रात हाई स्कूल रोड पर एक व्यापारी के पास सात बोरी चावल उतारते समय कुछ लोगों ने देख लिया।इसकी भनक लगते ही गुरुवार सुबह बौलिया, रारो, बैरियादामार और पोखरिया गांव के सैकड़ों ग्रामीण अंबेडकर चौक के समीप जुट गये।ग्रामीणों का दावा है कि उपप्रमुख प्रतिनिधि के परिसर में करीब 70 बोरी चावल कालाबाजारी की नीयत से जमा किया गया था।आदिम जनजाति केंद्रीय सदस्य नगीना परहिया, सुकन परहिया और रघु बैगा सहित अन्य ने प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी और प्रतिनिधि की मिलीभगत पर सवाल उठाए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो 7 अप्रैल से प्रखंड कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।उपप्रमुख प्रतिनिधि राम आशीष प्रसाद ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका बेटा पीडीएस वाहन का चालक है और विभागीय निर्देश पर ही राशन घर पर रखा गया था। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सतीश कुमार ने तर्क दिया कि एफसीआई से कम आवंटन मिलने के कारण वितरण रोककर राशन सुरक्षित रखा गया था। थाना प्रभारी अनिमेष शांतिकारी ने सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित कमरे को सील कर दिया है, वहीं बीडीओ देवलाल करमाली ने जांच के बाद सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।एफसीआई गोदाम के एजीएम बसंत पांडे ने पुष्टि की कि 30 मार्च को ही 57 क्विंटल राशन का उठाव किया जा चुका था और पूर्व का कोई भी राशन बकाया नहीं है।ऐसे में सवाल उठता है कि उठाव के बाद राशन लाभुकों तक क्यों नहीं पहुंचा। कर्मवीर सिंह/02अप्रैल/26