नई दिल्ली (ईएमएस)। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को राजधानी में ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारतीय झंडे वाले या भारतीय ऑपरेटेड जहाजों से किसी टोल को लेकर ईरान से कोई बातचीत नहीं हुई है। ईरान द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। लॉयड की सूची इंटेलिजेंस के मुताबिक, इस रूट पर कमर्शियल ट्रैफिक सामान्य स्तर के मुकाबले सिर्फ 6% रह गया है,यानी करीब 94% की गिरावट। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने एक तरह का “टोल बूथ” स्क्रीनिंग सिस्टम लागू किया है। अब जहाजों को बीच के गहरे समुद्री रास्ते की बजाय उत्तर की ओर लाराक द्वीप के पास से गुजरना पड़ रहा है। गुजरने से पहले ऑपरेटर्स को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प् द्वारा अनुमोदित मध्यस्थों से संपर्क करना होता है और जहाज, कार्गो व क्रू की पूरी जानकारी देनी पड़ती है। हालांकि, अब तक नकद भुगतान के ठोस सबूत कम ही मिले हैं। पिछले दो हफ्तों में इस रास्ते से गुजरने वाले 63 जहाजों में से केवल 2 के शुल्क देने की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी जहाज कूटनीतिक हस्तक्षेप के जरिए गुजर पाए। शांतिपूर्ण समय में यही स्ट्रेट दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल और एलएनजी सप्लाई का रास्ता होता है। लेकिन मौजूदा हालात ने इसे लगभग ठप कर दिया है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक 1200 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 845 छात्र शामिल हैं। यह ऑपरेशन दो रास्तों से किया गया, 996 लोग आर्मीनिया के रास्ते और 204 लोग अजरबैजान के रास्ते बाहर निकाले गए। इसी बीच भारत में ईरान के दूतावास ने कहा है कि “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।” सुबोध/०२-०४-२०२६