क्षेत्रीय
03-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में सीपीएस पीजी डॉक्टरों ने एनएमसी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वे अपनी लंबित परीक्षाओं, डिग्री और मेडिकल रजिस्ट्रेशन को लेकर अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) मुख्यालय के बाहर गुरुवार को कॉलेज ऑफ फिजीसिएन्स एंड सर्जनस (सीपीएस) के पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों ने अपने भविष्य को लेकर गहराते संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉक्टरों ने ऐलान किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे शुक्रवार को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में देशभर के विभिन्न राज्यों से करीब 150 डॉक्टर और छात्र प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा और नगर हवेली, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, मेघालय, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के डॉक्टर शामिल रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी लंबित मांगों को उठाया। वहीं, प्रदर्शन के दौरान छात्र प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एनएमसी अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगों को औपचारिक रूप से रखा। अधिकारियों ने मामले को देखने और प्रभावित डॉक्टरों के भविष्य को सुरक्षित करने का मौखिक आश्वासन दिया। हालांकि, डॉक्टरों ने इस पर असंतोष जताते हुए कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, उन्हें ठोस और समयबद्ध समाधान चाहिए। डॉक्टरों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो 2,300 से अधिक सीपीएस पीजी डॉक्टर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे और दिल्ली में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। डॉक्टरों के प्रतिनिधि डा चिराग ने बताया कि यह मामला दो हजार से अधिक उन डॉक्टरों से जुड़ा है, जिन्होंने सरकारी और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में अपनी रेजिडेंसी पूरी कर ली है, लेकिन वे अब भी अपने करियर की शुरुआत नहीं कर पा रहे हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/03/ अप्रैल /2026