-आम आदमी पार्टी नेताओं ने सांसद राघव चड्ढा की कार्यशैली पर उठाए सवाल नई दिल्ली,(ईएमएस)। आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा पर पार्टी नेता संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने सांसद राघव चड्ढा पर सीधा हमला करते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है जब देश के तमाम मुद्दों पर संसद में प्रस्ताव आता है आप साइन नहीं करते हैं। मोदी के खिलाफ आवाज नहीं निकालती है…तमाम जो मुद्दे जनहित से जुडे हैं, पार्टी के कार्यकर्ताओं को गुजरात में पीटा जाता है आप उस पर नहीं बोलते…जब विपक्ष मुद्दों पर सदन से वॉकआउट करता है तो आप वॉकआउट नहीं करते हैं ये तमाम चीजें हैं जिसका जवाब देश आपसे चाहता है, देश के लोग आपसे चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी चड्ढा पर निशाना साधा और पूछा कि क्या उन्होंने गुजरात में गिरफ्तार किए गए पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में संसद में आवाज उठाई? उन्होंने पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर कथित हमलों के मुद्दे पर कोई ठोस पहल क्यों नहीं की. भारद्वाज ने कहा कि संसद में सीमित समय का उपयोग गंभीर मुद्दों को उठाने के लिए होना चाहिए, लेकिन राघव चड्ढा उस भूमिका में सक्रिय नहीं दिखे। यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी सांसद वॉकआउट करते हैं, तब भी चड्ढा सदन में मौजूद रहते हैं। वहीं अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर पीएम मोदी से डरने और पार्टी के संघर्षों से किनारा करने के गंभीर आरोप लगाए। ढांडा ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राघव चड्ढा की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राघव, तुम पिछले कुछ सालों से डर गए हो। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो, जो डर गया वो देश के लिए क्या लड़ेगा? ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि संसद में पार्टी को बोलने के लिए जो सीमित समय मिलता है, उसका उपयोग देश बचाने के लिए होना चाहिए, न कि एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने जैसे मुद्दों के लिए। ढांडा ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है। सदन में प्रस्ताव आया चुनाव आयोग के खिलाफ तो राघव ने साइन करने से मना कर दिया। पार्टी ने सदन से वाकआउट किया तो मोदीजी की हाज़िरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं। पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत ने राघव चड्ढा को लेकर कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड का नेता बदलता रहता है। उन्होंने कहा कि मैं भी जब संसद में था तब भी कुछ बदलाव किए गए थे। ये बदलाव होते रहते हैं। कई मुद्दे ऐसे होते हैं संसद में जब संसद में वॉकआउट करना होता है लेकिन जब कोई सांसद नहीं करता है तो ये व्हिप का उल्लंघन होता है। इसलिए उसके बाद कार्रवाई की जाती है। सही वोटों को काटे जाने का मुद्दा हो या गुजरात में हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। ऐसे मुद्दों को न उठाकर जब कैंटीन में समोसे का मुद्दा उठाया जाता है डिलीवरी कितने समय में होगी ये मुद्दा उठाया जाता है तो मुझे लगता है वो कॉम्प्रोमाइज्ड हैं। इस विवाद की शुरूआत उस समय हुई जब आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र लिखकर सांसद राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उप-नेता के पद से हटाने का आग्रह किया था। उनके स्थान पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित किया। पत्र में कहा गया है कि चड्ढा को सदन में बोलने के लिए ‘आप’ के तय कोटे से समय आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद आज राघव चड्ढा ने भी एक वीडियो जारी कर कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना। सिराज/ईएमएस 03अप्रैल26