राष्ट्रीय
03-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। टोक्यो से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में एक महिला यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। महिला को सीने में तेज दर्द और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। फ्लाइट में मौजूद क्रू मेंबर्स भी घबराए हुए थे, और स्थिति गंभीर लग रही थी। तभी मणिपुर की डॉ. लोनी लिरीना, जो इंफाल के बाबिना स्पेशलिटी हॉस्पिटल में क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट हैं, ने तुरंत मदद के लिए कदम बढ़ाया। युवती की हालत गंभीर थी हृदय गति लगभग 160 बीट्स प्रति मिनट, ब्लड प्रेशर कम और ऑक्सीजन सैचुरेशन केवल 80 प्रतिशत था। डॉ. लिरीना ने ऑक्सीजन सपोर्ट, नेबुलाइजेशन और आवश्यक दवाइयां तुरंत प्रदान की। उनके त्वरित और प्रभावशाली कदमों से करीब 30 मिनट में महिला यात्री की स्थिति स्थिर हो गई। इस वजह से फ्लाइट को इमरजेंसी लैंडिंग की जरूरत नहीं पड़ी और विमान अपने निर्धारित समय पर सुरक्षित रूप से नई दिल्ली में उतरा। डॉ. लिरीना ने कहा कि यह स्थिति उनके पेशेवर अनुभव की वजह से संभाली जा सकी और विमान में उपलब्ध दवाओं का सही इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि यह ईश्वर की कृपा और पेशेवर जिम्मेदारी का मिश्रण था, जिसने इस गंभीर स्थिति में जीवन बचाया। सोशल मीडिया पर घटना की खूब प्रशंसा हो रही है। यूजर्स ने डॉ. लिरीना को असली हीरो बताया, और लिखा कि असली हीरो हमेशा वर्दी में नहीं होते, वे बस तब मौजूद होते हैं जब जरूरत होती है। कई लोगों ने कहा कि यह मणिपुर के लिए गर्व का क्षण है और जीवन बचाने के प्रति समर्पण की कोई सीमा नहीं होती। इस घटना ने साबित कर दिया कि कभी-कभी हीरो बनने के लिए सिर्फ तत्परता, ज्ञान और साहस ही काफी होते हैं। डॉ. लिरीना ने न केवल एक जीवन बचाया, बल्कि यह भी दिखाया कि निस्वार्थ सेवा और पेशेवर काबिलियत का संयोजन असली प्रेरणा बन सकता है। आशीष दुबे / 03 अप्रैल 2026