राष्ट्रीय
03-Apr-2026


गढ़चिरौली,(ईएमएस)। महाराष्ट्र सहित पूरे देश में माओवादी दौर अब खत्म होने के करीब है। इसी बीच, एक पिता ने अपने नक्सली बेटे जयराम उर्फ नंदू मोंगे गावड़े से भावुक अपील की है कि वहां हथियार डालकर घर लौट आए। जयराम करीब 14 साल पहले 17 साल की उम्र में घर छोड़कर जंगल में चला गया था। उसके पिता ने कहा कि वह घर छोड़ने से पहले उसे कुछ कामों में लापरवाही के कारण डांट चुके थे। अब जयराम महाराष्ट्र पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज आखिरी छह माओवादियों में से एक है। गढ़चिरौली का यह जिला कभी माओवादी गतिविधियों का गढ़ हुआ करता था, लेकिन अब सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में अभियान तेज कर दिया है। जयराम का पिता मोंगे गवाडे ने एटापल्ली के गिलंगुडा गांव से वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने स्थानीय माडिया गोंड भाषा में कहा, “अब दलम में तुम्हारे सभी सीनियर कॉमरेड्स और नेता जा चुके हैं। तुम अकेले जंगल में इतनी तकलीफ क्यों उठा रहे हो? अपनी बंदूक नीचे रख दो और अपने लोगों के पास लौट आओ।” सुरक्षा बलों के अनुसार, जयराम माओवादी संगठन की कंपनी नंबर 10 का सदस्य है। राज्य में बचे छह माओवादी में चार महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, जिसमें से पांच छत्तीसगढ़ के हैं। गढ़चिरौली में सुरक्षा बलों के तेज अभियान के चलते कई माओवादी मारे जा चुके हैं या सरेंडर कर चुके हैं। अप्रैल 2018 में दो बड़े अभियानों में 40 से अधिक माओवादी मारे गए। केंद्र सरकार ने 31 मार्च को महाराष्ट्र को ‘नक्सल मुक्त’ घोषित किया। अब जयराम का परिवार और राज्य सुरक्षा बल उसकी सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, ताकि वह अपने जीवन को सामान्य रास्ते पर लौटाकर परिवार के साथ मिल सके। यह कहानी न केवल नक्सलियों की गिरती शक्ति को दिखाती है, बल्कि एक पिता की भावनात्मक अपील और परिवार के महत्व को भी उजागर करती है। आशीष दुबे / 03 अप्रैल 2026