04-Apr-2026
...


दुबई(ईएमएस)। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब एक अंतरराष्ट्रीय टोल प्लाजा में तब्दील हो चुका है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों और तेल टैंकरों से भारी-भरकम टोल वसूल रही है। तेल टैंकरों के लिए शुरुआती शुल्क प्रति बैरल 1 डॉलर तय किया गया है। एक वेरी लार्ज क्रूड कैरियर (वीएलसीसी), जिसकी क्षमता लगभग 20 लाख बैरल होती है, उसे पार कराने के लिए ईरान 20 मिलियन डॉलर (लगभग 168 करोड़ रुपये) तक वसूल रहा है। इस संकट के बीच पाकिस्तान का एक अजीबोगरीब प्रस्ताव भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को अपने झंडे का इस्तेमाल करने का विकल्प दिया है, क्योंकि ईरान ने पाकिस्तान के 20 जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का वादा किया था। चौंकाने वाली बात यह है कि ईरान यह भुगतान डॉलर के बजाय चीनी मुद्रा युआन और क्रिप्टोकरंसी में ले रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचा जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज से गुजरने के लिए अब केवल नौसेना की अनुमति पर्याप्त नहीं है। जहाज संचालकों को पहले आईआरजीसी से जुड़ी एक मध्यस्थ कंपनी से संपर्क करना पड़ता है, जो जहाज के मालिकाना हक, चालक दल और कार्गो की गहन छानबीन करती है। एक बार जब यह सुनिश्चित हो जाता है कि जहाज का संबंध इजरायल, अमेरिका या किसी अन्य शत्रु देश से नहीं है, तब उसे एक विशेष परमिट कोड दिया जाता है। इस कोड को रेडियो पर प्रसारित करने के बाद ही जहाज को आगे बढ़ने की अनुमति मिलती है।ईरान ने इस टोल वसूली के लिए देशों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। चीन और रूस जैसे मित्र देशों के लिए शुल्क कम है, जबकि अन्य के लिए यह बेहद महंगा है। अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ इस वसूली को निर्दोष मार्ग के वैश्विक सिद्धांतों और समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन मान रहे हैं। हालांकि, ईरान इसे आत्मरक्षा का अधिकार बताकर कानूनी जामा पहनाने की कोशिश कर रहा है। इस स्थिति ने वैश्विक व्यापारिक घरानों को दुविधा में डाल दिया है, क्योंकि जहाजों के बीमा प्रीमियम में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है और देरी के कारण वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। दुनिया के 20% तेल और एलएनजी की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है, जिससे यह मुद्दा पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। वीरेंद्र/ईएमएस 04 अप्रैल 2026