04-Apr-2026
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पेरिस,(ईएमएस)। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका और फ्रांस के बीच जुबानी तनातनी तेज हुई है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के बारे में की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान मैक्रों ने कहा कि ट्रंप की बातें अशालीन और स्तरहीन हैं और वे बहुत ज्यादा बोलते हैं। दरअसल यह प्रतिक्रिया ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटे बाद आई, जिसमें उन्होंने मैक्रों के साथ हुई फ़ोन कॉल का जिक्र कर फ्रांसीसी राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों की पत्नी उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव करती हैं और वीडियो क्लिप का संदर्भ दिया जिसमें ब्रिगिट मैक्रों ने विमान से उतरते समय मैक्रों के चेहरे को हल्का धक्का दिया था। मैक्रों ने पहले गलत जानकारी बताकर हल्के अंदाज़ में मज़ाक बताया था। ट्रंप की टिप्पणियाँ ईरान से संबंधित अमेरिकी नेतृत्व वाले संघर्ष के संदर्भ में आईं, जिसमें उन्होंने फ्रांस से खाड़ी क्षेत्र में मदद भेजने की मांग की थी। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस युद्ध के बाद मदद कर सकता है, जिसका ट्रंप ने मजाक उड़ाया। इसके अलावा, ट्रंप ने नाटो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर कागज़ी शेर कहा। फ्रांस में ट्रंप की इन टिप्पणियों का व्यापक विरोध हुआ। नेशनल असेंबली की अध्यक्ष येल ब्रौन-पिवेट ने कहा कि यह स्तरहीन था, और फ्रांस अनबाउड पार्टी के मैनुअल बॉम्पार्ड ने टिप्पणी की कि मैक्रों और उनकी पत्नी के बारे में ऐसा कहना अस्वीकार्य है। फ्रांसीसी मीडिया ने इस एक और विवादास्पद बयानबाजी बताया। सैन्य और कूटनीति के मुद्दों पर, मैक्रों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के किसी भी बलप्रयोजन के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसा अभियान लंबा, जोखिम भरा और वैश्विक जहाज़रानी के लिए खतरनाक होगा। मैक्रों ने कहा कि कूटनीति ही व्यावहारिक रास्ता है और जलडमरूमध्य को केवल ईरान के साथ परामर्श करके ही खोला जा सकता है। मैक्रों ने अमेरिका और नाटो के बदलते रुख पर टिप्पणी कर कहा कि युद्ध और शांति के मामलों में गंभीरता जरूरी है। सहयोगियों से समर्थन न मिलने पर अफ़सोस जताया जा सकता है, लेकिन यह हमारा अभियान नहीं है। नाटो को कमजोर करने वाले सार्वजनिक संदेह पर उन्होंने चेतावनी दी कि इससे गठबंधन का मूल तत्व खोखला हो जाएगा। आशीष दुबे / 04अप्रैल 2026