05-Apr-2026


इन्दौर (ईएमएस) अपर सत्र न्यायाधीश सोनल पटेल की कोर्ट ने इन्दौर में 21 साल पहले हुए शहर के संभ्रांत वर्ग के प्रतिष्ठितों द्वारा संचालित गुजरात मर्केंटाइल क्रेडिट सोसायटी के बहुचर्चित धोखाधड़ी मामले में पुलिस द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत खात्मा प्रतिवेदन को तथ्यों के परीक्षण के बाद स्वीकार करते मामले में 12 आरोपियों में से बचें 3 जीवित आरोपियों को बरी कर दिया। प्रकरण के मुख्य आरोपी सहित 9 आरोपियों की प्रकरण लंबित रहने के दौरान मौत हो गई। शेष तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस को कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले। इसके चलते ही पुलिस ने खात्मा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिन तीन आरोपियों के खिलाफ उक्त खात्मा प्रतिवेदन मंजूर किया गया, इनके नाम दिवाकर शाह उम्र सत्तर वर्ष, नरहरि पटेल उम्र नब्बे वर्ष, और निरंजन देसाई उम्र इकहत्तर वर्ष शामिल हैं। प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि तुकोगंज थाना पुलिस ने गुजरात मर्केंटाइल क्रेडिट सोसायटी के विरुद्ध सन् 2005 में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं एवं मप्र निक्षेपको के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया था जहां सुनवाई जारी थी। अब पुलिस ने प्रतिवेदन दाखिल करते कोर्ट को बताया प्रकरण के मुख्य आरोपी जनक गांधी सहित अन्य आरोपी ओछवलाल गांधी, नगीन भाई कोठारी, केशवलाल, किरीट भाई, हारून भाई, अब्दुल सत्तार, हिम्मतलाल गांधी एवं एनएच दिलहर की मृत्यु हो चुकी है। वहीं पुलिस विवेचना के दौरान फरियादी सहित कुछ गवाहों का भी निधन हो चुका है। जबकि जीवित आरोपियों के खिलाफ भी कोई पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए गए। इसके चलते प्रकरण खात्मा दाखिल किया जिसे सक्षम कोर्ट ने मंजूर कर लिया। आनंद पुरोहित/ 05 अप्रैल 2026