05-Apr-2026
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-जनसंख्या मुद्दे और अंतरराष्ट्रीय हालात पर खुलकर रखी राय बरेली,(ईएमएस)। ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के जनसंख्या संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को बरेली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या बढ़ाना इतना आवश्यक है, तो जो लोग इसकी वकालत करते हैं, उन्हें खुद विवाह कर बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “दूसरों पर यह बोझ डालने से पहले खुद उदाहरण पेश करना चाहिए।” दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पहले भी कई बार हिंदुओं के लिए तीन बच्चे पैदा करने बात कह चुके हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने इसे विरोधाभासी बताया और सरकार की जनसंख्या नियंत्रण नीति के खिलाफ बताते हुए अनेक सवाल खड़े किए। विपक्ष के समर्थन को लेकर पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो भी उनकी बात सुनेगा, विशेष रूप से गो-माता की रक्षा के लिए कानून बनाएगा, वे उसके साथ खड़े रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। नरेंद्र मोदी के रुख पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध के समय एक पक्ष न्याय और दूसरा अन्याय का होता है। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत के रुख को लेकर लोगों में सवाल उठ रहे हैं। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि युद्ध के कारण आम जनता को गैस और आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सत्ता में बैठे लोगों को इसका अहसास नहीं होता। उन्होंने जनता से अपील की कि वे चुनाव के दौरान अपने मूल मुद्दों, खासकर गो-माता की रक्षा, पर ध्यान दें और उसी आधार पर मतदान करें। इसके अलावा उन्होंने अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि वे वाराणसी से ऋषिकेश होते हुए बद्रीनाथ धाम जा रहे हैं, जहां पारंपरिक रूप से ज्योति कलश यात्रा में शामिल होंगे। हिदायत/ईएमएस 05अप्रैल26