क्षेत्रीय
06-Apr-2026
...


- आरटीई लॉटरी का रिजल्ट जारी 780 बच्चों में से सिर्फ अब तक 19 बच्‍चों का निजी स्कूलों में हुआ फ्री एडमिशन आवेदन करने वाले शेष बच्चों को दूसरे चरण में मिलेगा मौका, जिले में 164 स्कूलो के लिए आए 1406 आवेदन मण्डला (ईएमएस)। शिक्षा के अधिकार के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए शासन ने निशुल्क निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार आरटीई से स्कूलों में प्रवेश के पहले चरण में 780 बच्चों को पंसदीदा स्कूलों का आंवटन किया गया। अवकाश के चलते इन दो दिनो में अब तक 19 बच्चों को प्रवेश दिलाया गया। यह अभियान 15 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद प्रवेश के दूसरे चरण में छूटे हुए बच्चों को अवसर दिया जाएगा। शिक्षा का अधिकार के तहत इस बार एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी नजर आई। ऑनलाइन लॉटरी के जरिए बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गईं। खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया सिंगल क्लिक सिस्टम से हुई और इसका लाइव प्रसारण भी किया गया। मंडला के करीब 164 प्राइवेट स्कूलों में से 836 से अधिक सीटों के लिए 1406 से ज्यादा आवेदन आए थे। दस्तावेज सत्यापन के बाद 789 पात्र बच्चों को लॉटरी के जरिए स्कूल आवंटित किए गए। इस प्रक्रिया में बच्चों को उनकी पहली पसंद का स्कूल मिला। जबकि बाकि बच्चों को उपलब्ध विकल्पों के आधार पर अन्य स्कूलों में एडमिशन दिया गया। जानकारी पोर्टल पर डाउनलोड अभिभावकों को स्कूल आवंटन की जानकारी सीधे उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिए भेजी गई। साथ ही वे पोर्टल पर जाकर भी आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आवंटित बच्चों को 3 से 15 अप्रैल के बीच संबंधित स्कूल में जाकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस दौरान दस्तावेज सत्यापन के साथ मोबाइल ऐप के जरिए फोटो और वेरिफिकेशन से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। शेष बच्‍चों को एडमिशन अगले चरण में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए लॉटरी का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। परिणाम घोषित होते ही अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला, वहीं जिन बच्चों का चयन नहीं हो पाया है, उन्हें अगले राउंड में मौका मिलने की उम्मीद बनी हुई है। इस वर्ष बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों के प्रवेश के लिए आवेदन किया था। लॉटरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराया गया। चयनित विद्यार्थियों के अभिभावकों को अब निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित स्कूलों में जाकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यार्थियों का इस राउंड में चयन नहीं हो पाया है, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। शेष बच्चों के लिए अगले राउंड में प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी, जिसमें वेटिंग लिस्ट के आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी। स्कूल ने रोका तो तुरंत शिकायत शासन के स्पष्ट निर्देश है कि कोई निजी स्कूल प्रवेश देने से मना करता है तो अभिभावक जिला स्तर पर शिकायत कर सकते हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिन बच्चों को पहले चरण में सीट नहीं मिली उनके लिए राहत है। 15 अप्रैल के बाद दूसरे चरण में फिर से विकल्प भरने और लॉटरी में शामिल होने का मौका मिलेगा। ईएमएस / 06/04/2026