पति पत्नी में बहस होना सामान्य है पर झगड़े के बाद माहौल सामान्य हो जाना जितना जरूरी है, उतना ही मुश्किल भी। अक्सर ऐसा होता है कि बहस तो खत्म हो जाती है, लेकिन दोनों के बीच की खामोशी रिश्ते को और ज़्यादा जटिल बना देती है। कमरे में चुप्पी और असहजता छाई रहती है, तब समझना मुश्किल हो जाता है कि रिश्ता किस मोड़ पर है। यह वो स्थिति होती है जब न कोई पहल करता है, न कोई अपनी भावनाएं व्यक्त करता है, ना कोई आंखों में आंखें डालकर बात करना चाहता है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि हम समझदारी से इस असहज माहौल को खत्म करें और दोबारा आपसी सामंजस्य की ओर बढ़ें। इससे अपने रिश्ते को फिर से उसी गर्माहट में वापस ला सकती हैं। बहस की नौबत आने से पहले ही समझदारी दिखाएं हर बहस जरूरी नहीं होती। बहुत सी बहसें छोटी बातों पर शुरू होती हैं और बड़ी बन जाती हैं। ऐसे में अगर शुरुआत में ही कोई एक व्यक्ति धैर्य रख ले, तो बात बिगड़ने से बच सकती है। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें, और सामने वाले की बात पूरी सुनें। इससे स्थिति बिगड़ने से पहले ही संभल सकती है। मन में न रखें झगड़े के बाद जो असहजता बनी रहती है, उसका बड़ा कारण यह है कि हम मन में पुरानी बातें दोहराते रहते हैं। अगर आप सच में सुलह चाहते हैं, तो मन से उन बातों को जाने देना जरूरी है। यह तय करें कि रिश्ते की शांति “सही साबित” होने से ज्यादा जरूरी है। हर बात का विश्लेषण करना बंद करें बहस के बाद कई बार हम सोचते रहते हैं कि किसने क्या कहा, कैसे कहा और क्यों कहा। लेकिन यह आदत आपको उस स्थिति में अटका देती है। अगर विवाद हल हो चुका है, तो बार-बार उस पर सोचने की जगह अब सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश करें। स्पर्श और स्नेह से भावनात्मक दूरी घटाएं कभी-कभी शब्द नाकाफी होते हैं और एक गले लगाना या हल्का स्पर्श रिश्ते को फिर से जोड़ देता है। यह संकेत देता है कि आप अब आगे बढ़ना चाहते हैं। इससे न सिर्फ गलतफहमी दूर होती है, बल्कि दोबारा एक दूसरे के करीब आने का रास्ता भी खुलता है। अपनी गलती मानने में हिचकिचाएं नहीं किसी भी बहस में गलती सिर्फ एक की नहीं होती। अगर आप सच में रिश्ते को अहमियत देते हैं, तो अपनी तरफ से पहल कर माफ़ी मांगना गलत नहीं है। यह न सिर्फ सामने वाले को भावनात्मक रूप से करीब लाता है बल्कि यह भी दिखाता है कि आप रिश्ते को अहमियत देते हैं। हल्के-फुल्के अंदाज़ में बात की शुरुआत करें बहस के बाद अक्सर एक लंबी चुप्पी छा जाती है। इसे तोड़ने के लिए किसी मजेदार घटना या किसी पुराने खुशनुमा पल की चर्चा करें। शुरुआत में थोड़ी झिझक हो सकती है, लेकिन इससे धीरे-धीरे माहौल फिर से सामान्य हो सकता है। बाहर जायें अगर झगड़ा घर में हुआ है, तो वहां रहना तनाव को और बढ़ा सकता है। ऐसे में बाहर टहलने जाना, कैफे में बैठना या किसी खुली जगह पर समय बिताना मूड को रीसेट करने का अच्छा तरीका हो सकता है। 07 अप्रैल ईएमएस फीचर