खेल
07-Apr-2026


चेन्नई (ईएमएस)। पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने साल 2025 में अचानक ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से संन्यास की घोषणा कर सभी को हैरान कर दिया था। तब उन्होंने कहा था कि वह विदेशी लीग में खेलने के लिए ये कदम उठा रहे हैं। वहीं अब एक साल बाद अश्विन ने खुलासा किया है कि चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में रहते हुए उन्हें मानसिक परेशानी के दौर से गुजरना पड़ा था जिसके कारण उन्हें सन्यास की घोषणा करनी पड़ी। अश्विन के अनुसार अगर उस तरह की परेशानी नहीं आती तो वह इतनी जल्दी आईपीएल नहीं छोड़ते और कुछ समय इस लीग में बने रहते। अश्विन ने साल 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके एक साल बाद उन्होंने आईपीएल से भी संन्यास की घोषणा कर दी थी। इस स्पिनर ने कहा कि उन्होंने फ्रेंचाइजी को उनके भविष्य के बारे में फैसला करने के संशय से बचाने के लिए स्वयं ही आईपीएल छोड़ दिया था। अश्विन ने कहा, मेरा सीएसके के साथ सत्र अच्छा नहीं रहा था। यह मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से निराशाजनक सत्र था। सच कहूं तो मुझे लग रहा था कि मैं और खेल सकता हूं पर मैंने अचानक ही इसलिए संन्यास ले लिया क्योंकि में भावनात्मक रूप से कई अन्य चीजों को साथ लेकर नहीं खेल सकता था। अश्विन ने आईपीएल से संन्यास की घोषणा करने से पहले 2025 के सत्र में कम अवसर किए जाने के बाद सीएसके से कहा था कि उनकी भूमिका को स्पष्ट किया जाये। वह सीएसके के 14 मैचों में से केवल 9 मैच में ही खेले थे। सीएसके से ही उन्होंने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत की थी, इसलिए वह इस टीम से भावनात्मक रुप से जुड़े थे। उन्होंने कहा, मैं वहां नहीं जाना चाहता। यह मानसिक रूप से परेशान करने वाला है। यह मेरे लिए बहुत पीड़ादायक था। मैं वहां नहीं जाना चाहता था। मैंने थोड़ी चर्चा की और फिर फैसला किया कि मैंने चेन्नई से शुरुआत की है और मैं अपने गृहनगर में ही इसे समाप्त कर रहा हूं। अश्विन ने कहा, मैंने संन्यास लेने का फैसला इसलिए किया क्योंकि इससे उन्हें मुझे टीम में बनाए रखने या बाहर करने का फैसला लेने के लिए दुविधा में नहीं पड़ना पड़ा। इसके अलावा मेरे संन्यास लेने से उनकी 10 करोड़ रुपये की बचत भी हुई। गिरजा/ईएमएस 07अप्रैल 2026