रायपुर(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ सरकार ने संकेत दिया है कि राज्य में विवादास्पद धर्म स्वातंत्र्य विधेयक (फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल) पर बहुत जल्द बड़ा फैसला आने वाला है। डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्यपाल रमेन डेका इस विधेयक पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और संभव है कि वे कभी भी हस्ताक्षर कर दें। विजय शर्मा ने बताया कि राज्यपाल चिंतनशील हैं और इस मुद्दे पर निर्णय लेने में ज्यादा देरी नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि नक्सलवाद को लगभग समाप्त करने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दिल्ली दौरा प्रस्तावित है। इस दौरे में छत्तीसगढ़ के विकास, सुरक्षा और केंद्र से लंबित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर भी केंद्र सरकार से विचार-विमर्श किया जा सकता है। बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ समय में वहाँ स्कूल खुलने समेत कई काम हुए हैं, लेकिन अभी भी काफी काम बाकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज अब जागरूक हो रहा है और आने वाले समय में बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सत्ता से तंग आ चुकी है और उन्हें सत्ता से बाहर कर देगी। कांग्रेस द्वारा सरकार को घेरने की कोशिशों पर विजय शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा, “अब तक कांग्रेस क्या कर रही थी?” उन्होंने बताया कि सरकार ने मात्र दो साल में सभी विभागों की जानकारी सार्वजनिक कर दी है। इससे ज्यादा पारदर्शिता और क्या हो सकती है। कांग्रेस की मांग पर कि बस्तर से सुरक्षा बलों को वापस लिया जाए, विजय शर्मा ने साफ़ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है। वर्षों बाद बस्तर को नक्सलमुक्त किया गया है, इसलिए जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। उन्होंने सभी से अपील की कि ऐसी संवेदनशील स्थिति में अफवाहें न फैलाएं। - सत्यप्रकाश(ईएमएस)07 अप्रैल 2026