भारत अपनी जरूरत का करीब 50फीसदी एलएनजी कतर से आयात करता है नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार कतर से एलएनजी लेकर निकले दो टैंकर फारस की खाड़ी से निकलने की कोशिश करते नजर आए। यह दोनों जहाज फरवरी से ही फारस की खाड़ी में लंगर डाल के खड़े थे। कतर के साथ ईरान की तल्खी की वजह से इनका फारस की खाड़ी छोड़ पाना असंभव ही था। एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर ये टैंकर फारस की खाड़ी से निकल पाए, तो ये पहले एलएनजी वाले जहाज होंगे, जो युद्ध के बाद यहां से निकल पाएंगे। रिपोर्ट में शिप-ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषण के आधार पर बताया कि पहले ये जहाज ओमान के नजदीक जलडमरूमध्य के मुहाने की ओर पूर्व की ओर बढ़ते नजर आए थे, हालांकि बाद में यह धीमे पड़ गए और पीछे हटते नजर आए। डेटा के मुताबिक अल दायेन चीन का सिंग्नल दे रहा है, जो कि कतर का सबसे बड़ा एलएनजी आयातक है, लेकिन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह जहाज चीन ही जाएगा यह पक्का नहीं है और यह अपने गंतव्य वाला बंदरगाह बदलने का फैसला किसी भी समय कर सकता है। बता दें कतर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर है। भारत भी कतर के एलएनजी का बहुत बड़ा ग्राहक है। भारत अपनी जरूरत का करीब 50फीसदी एलएनजी आयात करता है। इनमें से अधिकतर पश्चिम एशिया और उसमें भी कतर से ही आता है, जिसकी हिस्सेदारी 40 से 50फीसदी तक है। मार्च में कतर एनर्जी के रास लफ्फान प्लांट पर हमले के बाद भारत में वहां से आयात पिछले महीने के मुकाबले 93फीसदी घटकर करीब 56,000 टन रह गया। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले शुरू करने के बाद अबतक एलएनजी से भरा हुआ कोई भी टैंकर फारस की खाड़ी से निकल कर होर्मुज जलडमरूमध्य पार नहीं कर सका है। अगर ये जहाज होर्मुज से निकलने में सफल रहा तो फरवरी के आखिर के बाद ऐसे पहले एलएनजी टैंकर होंगे, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर सके हों। ऐसे में इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि अगर कतर से आ रहे एलएनजी टैंकर अल दायेन ने रास्ता बदला तो वह भारत भी आ सकता है। कतर ने युद्ध के बाद दो एलएनजी टैंकर पिछले हफ्तों में कुवैत जरूर भेजे हैं, लेकिन क्प्लेर की ओर से जुटाए गए शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक इन्हें होर्मुज से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ी। पिछले महीने रूस से तेल लेकर चले कुछ जहाज दक्षिण चीन सागर के पास से मुड़कर सीधे भारत आए थे। इसी तरह एक जहाज भारत के बजाए चीन की ओर भी रवाना हो चुका है। सिराज/ईएमएस 07अप्रैल26 ---------------------------------