एनआईए की कार्रवाई में हुआ अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश बेंगलुरु,(ईएमएस)। बेंगलुरु में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने मानव तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बड़ी कार्रवाई के बाद ध्वस्त कर दिया। बुधवार को एनआईए की विशेष अदालत ने चार बांग्लादेशी नागरिकों, बादल हौलादार, कबीर तालुकदार, जाकिर खान और बच्चू घरामी को दोषी करार देते हुए तीन साल की कठोर कारावास और प्रत्येक पर 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर उन्हें एक महीने अतिरिक्त जेल में रहना होगा। सुरक्षा एजेंसी की जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपी बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर चुके थे। उन्होंने बेनापोल, जेसोर और अखौरा बॉर्डर से देश में प्रवेश किया और फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवा लिए थे। इसके बाद बेंगलुरु के उपनगरीय इलाकों में कचरा बीनने और छंटाई का कारोबार चलाया गया। तस्करी का संगठित नेटवर्क एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी केवल खुद अवैध तरीके से भारत में नहीं थे, बल्कि उन्होंने अन्य बांग्लादेशी नागरिकों को भी तस्करी के जरिए भारत लाकर अपने कारोबार में काम पर लगाया। उन्होंने जमीन लीज पर लेकर शेड बनाए, जहां इन लोगों को रखा जाता था। यह पूरा नेटवर्क पूरी तरह संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। मामले की जांच और गिरफ्तारी मामले की शुरुआत नवंबर 2023 में हुई थी, जब एनआईए ने इस केस को दर्ज किया। खुफिया जानकारी और लगातार निगरानी के बाद एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया। छापेमारी में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बांग्लादेशी दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, फर्जी भारतीय पहचान पत्र और भारतीय मुद्रा बरामद हुई। फरवरी 2024 में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई और मई 2024 में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। हिदायत/ईएमएस 09अप्रैल26