ग्वालियर ( ईएमएस ) | ग्वालियर जिले में प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत समाज की भागीदारी से पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित कर जल सहेजने के लिये तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को विकासखंड भितरवार के अंतर्गत आंतरी सेक्टर स्थित स्थानीय नदी में जमी मिट्टी को हटाकर सफाई एवं गहरीकरण का कार्य शुरू किया गया। जन अभियान परिषद की ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति फतेहपुर द्वारा जनसहभागिता से यह कार्य किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नदी को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करना है। विकासखंड समन्वयक अधिकारी मनोज दुबे ने बताया कि प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री जयेन्द्र सिंह बघेल और सचिव श्री भीकम सिंह परिहार के नेतृत्व में ग्रामीणों के सहयोग से जल संरक्षण के इस अभियान को गति मिल रही है। इस दौरान ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि स्थानीय नदी-नालों की नियमित सफाई और गहरीकरण अत्यंत आवश्यक है। इससे जल संग्रहण होगा और क्षेत्र के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी। श्री दुबे ने बताया कि अभियान के तहत जन अभियान परिषद द्वारा स्थानीय लोगों के सहयोग से नदी-नालों व तालाबों के किनारों के कटाव प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पौधारोपण भी किया जाएगा। साथ ही जहां जल की मात्रा कम है, वहां बोरी बंधान बनाकर जल रोकने की व्यवस्था के प्रयास प्रमुखता से होंगे। इन कार्यों को प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जायेगा। ग्रामीणों को अभियान से जोड़ने के लिए चौपाल बैठकों, जनजागरूकता कार्यक्रमों और संवाद के माध्यम से प्रेरित किया जा रहा है। विकासखंड भितरवार में इस अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन गतिविधियां संचालित करने का आह्वान किया गया है। “जल है तो कल है” की भावना के साथ चलाया जा रहा यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जल, जो जीवन के पंचमहाभूतों में से एक है, उसकी हर बूंद को सहेजने का संदेश दिया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सार्थक प्रयास बन रहा है।