मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई में मंगलवार को महावितरण की विद्युत सहायक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिव्यांग उम्मीदवारों ने मंत्रालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इन उम्मीदवारों का आरोप है कि पात्र होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई, जिससे वे लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या रखने की मांग की। हालांकि, उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर नहीं मिल सका, जिससे उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। बाद में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपना ज्ञापन सौंपा। आपको बता दें कि इन उम्मीदवारों ने इससे पहले पुणे में भी आंदोलन किया था, लेकिन वहां भी उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। लगातार प्रयासों के बावजूद न्याय न मिलने से परेशान होकर मंगलवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए दिव्यांग उम्मीदवार मुंबई पहुंचे और मंत्रालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांगों के लिए निर्धारित 4 प्रतिशत आरक्षण का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। उन्होंने दिव्यांग व्यक्ति अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिला। उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि दस्तावेज़ सत्यापन और अंतिम चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा। कई योग्य उम्मीदवारों को बिना स्पष्ट कारण के चयन सूची से बाहर कर दिया गया, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। बहरहाल दिव्यांग उम्मीदवारों का यह आंदोलन भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और इन उम्मीदवारों को कब तक न्याय मिल पाता है। स्वेता/संतोष झा-०७ अप्रैल/२०२६/ईएमएस