नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत फरीदाबाद स्थित अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और उसके मैनेजिंग ट्रस्टी जवाद अहमद सिद्दीकी की कुल 39.45 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इस कुर्की में शामिल संपत्तियों में जवाद अहमद सिद्दीकी का दिल्ली के जामिया नगर, ओखला इलाके में स्थित आवासीय परिसर, फरीदाबाद के धौज गांव में अल-फलाह विश्वविद्यालय के पास स्थित कृषि भूमि, साथ ही ट्रस्ट और जवाद सिद्दीकी की डीमैट अकाउंट्स, बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं। ईडी की जांच दिल्ली पुलिस की तीन एफआईआर पर आधारित है। इनमें दिल्ली क्राइम ब्रांच की दो एफआईआर (संख्या 337/2025 और 338/2025, दोनों 13 नवंबर 2025 को दर्ज) और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम पुलिस स्टेशन की एफआईआर संख्या 0021/2026 (10 जनवरी 2026 को दर्ज) शामिल हैं। इन एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो पीएमएलए के अंतर्गत अनुसूचित अपराध माने जाते हैं। आरोप है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय ने अपनी समाप्त हो चुकी एनएएसी ए ग्रेड मान्यता को गलत तरीके से वैध बताकर छात्रों और अभिभावकों को धोखा दिया। साथ ही ऐसी यूजीसी धारा 12बी मान्यता का दावा किया जो कभी मिली ही नहीं थी। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से अनुमोदन लेने के लिए कागजों पर दिखाई जाने वाली फर्जी फैकल्टी और नकली मरीजों का इस्तेमाल किया। सुबोध/०७-०४-२०२६