बालाघाट (ईएमएस). शासन द्वारा आयोजित साधना सप्ताह की अवधि बढ़ाकर अब 10 अप्रैल तक कर दी गई है। यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य सभी शासकीय सेवकों, विशेषकर शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी क्षमता का विकास करना है। पूर्व में साधना सप्ताह का आयोजन 2 से 8 अप्रैल तक निर्धारित किया गया था, लेकिन अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दी गई है। कलेक्टर मृणाल मीना ने शिक्षकों एवं सभी शासकीय सेवकों को साधना सप्ताह के अंतर्गत 10 अप्रैल तक निर्धारित प्रशिक्षण पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शासकीय तंत्र को सुदृढ़ बनाना है, जिसके तहत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत विभिन्न लर्निंग पाथवे को अपनाने तथा आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों को पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साधना सप्ताह के दौरान शासकीय सेवक आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर भूमिका आधारित प्रशिक्षण, विभिन्न गतिविधियों और चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे। यह पहल राष्ट्रीय उत्थान के लिए अनुकूलनशील विकास और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। साधना सप्ताह के अंतर्गत कर्मयोगी भारत द्वारा राज्यवार प्रदर्शन का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जा रहा है। इस मूल्यांकन में दो प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है, जिनका वेटेज भी तय किया गया है। 4 घंटे के कोर्स पूर्ण करने वाले शासकीय सेवकों की संख्या को 70 प्रतिशत वेटेज दिया गया है, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित कम से कम एक कोर्स पूर्ण करने वाले शासकीय सेवकों की संख्या को 30 प्रतिशत वेटेज निर्धारित किया गया है। भानेश साकुरे / 07 अप्रैल 2026